छैमार गैंग का सरगना असद उर्फ फाती मिट्टी में मिल गया। उसकी मौत के बाद अंतिम बार मुंह देखने के लिए परिवार से कोई भी पुरुष नहीं आया। फाती की पत्नी और बहन की मौजूदगी में उसकी लाश को कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
लूट, हत्या और डकैती जैसे जघन्य अपराधों को अंजाम देने वाले छैमार गैंग का सरगना असद उर्फ फाती सोमवार को मिट्टी में मिल गया। रविवार को मथुरा पुलिस ने एनकाउंटर में उसे ढेर कर दिया था। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद पत्नी और बहन की मौजूदगी में औरंगाबाद स्थित कब्रिस्तान में शव को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस भी तैनात रही।
रविवार को डीआईजी शैलेश कुमार पांडेय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने एक लाख के इनामी डकैत असद उर्फ फाती (46) को मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। मुठभेड़ में ढेर बदमाश के शव को पोस्टमार्टम गृह भेजकर पुलिस परिजन की जानकारी में जुट गई थी। पुलिस उसके पते हापुड़ के थाना गढ़मुक्तेश्वर के गांव दोताई पहुंची, लेकिन यह पता गलत निकला। सोमवार की सुबह वीडियोग्राफी और दो डॉक्टरों के पैनल ने डकैत के शव का पोस्टमार्टम किया। इसके बाद शव को रख दिया गया
छैमार गैंग के सरगना के सुपुर्द-ए-खाक में केवल घर की महिलाएं ही मौजूद रहीं। सूत्रों के अनुसार छैमार गैंग में करीब 400 लोग हैं। परिवार में भी पुरुषों की कोई कमी नहीं है, लेकिन अंतिम समय में असद का मुंह देखने के लिए परिवार का कोई पुरुष नहीं पहुंचा। सभी को डर था कि पुलिस कहीं उन्हें पूछताछ के बाद किसी वारदात में न फंसा दें।
Author: planetnewsindia
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