कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए इनकी नसबंदी व टीकाकरण करने के लिए एबीसी सेंटर 1.85 करोड़ रुपये से कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस ने धौर्रामाफी में बनाकर तैयार कर दिया है।

अलीगढ़ शहर की जनता को कुत्तों के आतंक से निजात दिलाने के लिए एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर का निर्माण पूरा हो चुका है। होली से पहले इसका संचालन शुरू हो जाएगा। 27 फरवरी को नगर निगम के अधिकारी इसको फाइनल टच देंगे। इसके बाद से हैंडओवर की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
शहर में कुत्तों का आतंक हर इलाके में है। कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए इनकी नसबंदी व टीकाकरण करने के लिए एबीसी सेंटर 1.85 करोड़ रुपये से कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस ने धौर्रामाफी में बनाकर तैयार कर दिया है। इसके निर्माण का समय नवंबर 2024 था। मगर कार्यदायी संस्था की कमी के चलते निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। ऐसे में इसे तीन माह का और समय दिया गया था। फरवरी में इसका निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस ने हैंडओवर के लिए 15 दिन पहले ही लखनऊ स्थित कार्यालय को पत्र भेज दिया है। मार्च के पहले सप्ताह में इस भवन के हैंडओवर होने की संभावना है।
सेंटर निर्माण का कार्य पूर्ण हो चुका है। मार्च के पहले सप्ताह में हैंडओवर हो जाएगा। इसके बाद से इसका संचालन शुरू कर दिया जाएगा।-डॉ. राजेश वर्मा, पशु कल्याण अधिकारी, नगर निगम
अलीगढ़ में श्वान से जुड़ी जानकारी
-शहर के लगभग 4500 पालतू कुत्ते। नगर निगम में पंजीकरण।
-21 नस्ल के पालतू कुत्तों का नहीं होगा पंजीयन।
-21 नस्ल के कुत्ते पालने वाले नसबंदी का देंगे शपथ पत्र।
-अप्रैल में फिर से कराना होगा पालतू कुत्ते-बिल्ली का पंजीकरण।
-चोट खाये, रैबीज और घायल कुत्तों के लिए बना 20 लाख से शेल्टर होम।इन नस्ल के कुत्तों का नहीं होगा रजिस्ट्रेशन
पिटबुल टेरियर्स, टोसा इनु, अमेरिकन स्टैफोर्डशायर टेरियर, फिला ब्रासीलेरियो, डोगो अर्जेंटीनो, अमेरिकन बुलडॉग, बोअरबोएल, कांगल, टार्नजैक, बैंडोग, सरप्लानिनैक, जापानी टोसा, अकिता, मॉस्टिफ्स, राटविलर, रोडेशियन रिजबैक, कैनारियो, अकबाश और मास्को गार्डडॉग, वोल्फ डॉग, जर्मन शेफर्ड का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा।
PLANET NEWS INDIA
Author: planetnewsindia
8006478914


