ग्रामीणों और ग्राम प्रधान पूरन सिंह ने संयुक्त रूप से जेसीबी की मदद से कटी हुई पटरी को दोपहर तक ठीक किया, तब जाकर रजबहे का पानी खेतों में घुसना बंद हुआ।
सादाबाद के गांव कुम्हरई से गुजर रहे जुगसना रजबहे में अचानक पानी छोड़े जाने से 21 फरवरी की सुबह इसकी पटरी टूट गई, जिससे इसका पानी आसपास के खेतों में घुस गया। इससे 10 किसानों की गेहूं और आलू की करीब 50 बीघा फसल जलमग्न हो गई। सुबह पानी में डूबी फसलों को देख किसानों ने अपना माथा पकड़ लिया। किसानों को डर है कि अधिक पानी लगने की वजह से कहीं उनकी फसल न बर्बाद हो जाए।
सुबह जब किसान खेतों पर पहुंचे तो वहां का हाल देखकर चिंतित हो गए। किसानों ने रजबहे की पटरी को ठीक करने के प्रयास शुरू कर दिए। मौके पर लेखपाल हेमंत ने भी डूबी फसल का जायजा लिया और इससे उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि करीब 50 बीघा फसल जलमग्न हुई है। ग्रामीणों और ग्राम प्रधान पूरन सिंह ने संयुक्त रूप से जेसीबी की मदद से कटी हुई पटरी को दोपहर तक ठीक किया, तब जाकर रजबहे का पानी खेतों में घुसना बंद हुआ। मौके पर सिंचाई विभाग के सींचपाल भी पहुंच गए।
मेरी भी करीब छह बीघा आलू की फसल में रजबहे की पटरी कटने की वजह से पानी भर गया। इससे फसल को भारी नुकसान हो सकता है। प्रशासन को जांच कराकर मुआवजा देना चाहिए। -महेश, किसान।
रजबहे की पटरी कटने से मेरी भी करीब पांच बीघा आलू की फसल में पानी भर गया। काफी मेहनत व लागत लगाने के बाद फसल तैयार की थी, लेकिन लगता है पानी भरने वह कहीं बर्बाद न हो जाए। -वीरपाल, किसान।
Author: planetnewsindia
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