शासन की जांच टीम ने कासिमपुर और सूतमिल स्थित भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के गोदाम का कोना-कोना चेक किया है। कासिमपुर स्थित गोदाम कर्मी टीम के सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। टीम ने कोटेदार और लाभार्थियों से भी बयान लिए।

राशन की दुकानों से घुन लगे गेहूं और कीड़े लगे चावल के वितरण के मामले में एफसीआई सहित अन्य विभागों के कर्मचारी और अधिकारी जांच के घेरे में आ रहे हैं। जांच टीम के समक्ष आया कि 135 दुकानों से गेहूं और चावल का वितरण हुआ था। यह पचास हजार घरों तक पहुंचा। शासन की टीम ने प्रारंभिक जांच के बाद एफसीआई के ही 20 अफसरों को नोटिस जारी किया है। वहीं जिला पूर्ति विभाग और जिला खाद्य एवं विपणन विभाग के अधिकारियों की लापरवाही भी सामने आ रही है।
21 फरवरी को पहुंची शासन की जांच टीम ने कासिमपुर और सूतमिल स्थित भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के गोदाम का कोना-कोना चेक किया है। कासिमपुर स्थित गोदाम कर्मी टीम के सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। टीम ने कोटेदार और लाभार्थियों से भी बयान लिए।
शासन की जांच टीम सुबह 10 बजे नौरंगाबाद छावनी पहुंची। यहां पर लाभार्थियों से खराब चावल के संबंध में पूछा। यहां पर कोटेदार से भी जानकारी की गई। पूछा गया कि खाद्यान्न कहां से आता है। 11 बजे जांच टीम एफसीआई के गोदाम कासिमपुर पहुंची। पूछा गया कि गेहूं दो साल तक यहां पर क्यों रखा रहा। किसके आदेश से रखा रहा। इसकी सूचना किस उच्च स्तर के अधिकारी को दी गई। गेहूं को सुरक्षित रखने के लिए किस तरह के उपाय किए गए। गोदाम में नमी की मात्रा को नियंत्रित करने के लिए क्या उपाय किए गए हैं।
प्रदेश से आई टीम ने मामले की जांच की है। वह अपनी रिपोर्ट शासन को देंगे। हमने इस प्रकरण में जो जांच की थी उसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी है। आगे की कार्यवाही शासन स्तर से होनी है
Author: planetnewsindia
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