छत्तीसगढ़ में अपना वजूद बचाने की कोशिश कर रहे नक्सली; नक्सल ‘गढ़’ में घुसकर मुंहतोड़ जवाब दे रहे जवान

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Naxal operation in Chattisgarh: केंद्र और छत्तीसगढ़ की बीजेपी सरकार यानी डबल इंजन की सरकार में फोर्स के जवान प्रदेश के नक्सल प्रभावित जिलों में नक्सलियों से जमकर लोहा ले रहे हैं।

 

Naxal operation in Chattisgarh: केंद्र और छत्तीसगढ़ की बीजेपी सरकार यानी डबल इंजन की सरकार में फोर्स के जवान प्रदेश के नक्सल प्रभावित जिलों में नक्सलियों से जमकर लोहा ले रहे हैं। उनकी मांद में घुसकर उन्हें मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं। ऐसे में नक्सली बौखलाए हुए हैं। अपनी नापाक हरकतों को अंजाम दे रहे हैं। नक्सली अपने वजूद को बचाने की कोशिश में लगे हुए हैं। इसलिये बस्तर संभाग के बीजापुर में छह जनवरी को फोर्स पर हमला कर अपनी उपस्थिति को दर्ज कराया है। नक्सली अपने वजूद को बचाने की लड़ाई में हमारे सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

इसी बौखलाहट का परिणाम बीजापुर की नक्सली घटना है। नक्सलियों ने सोमवार को बीजापुर जिले के कुटरू के अम्बेली नाला के पास बारूदी सुरंग (IED) विस्फोट कर फोर्स के वाहन को उड़ा दिया। इसमें दंतेवाड़ा जिले के जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के 8 जवान और एक डाइवर वीरगति को प्राप्त हो गये। इस तरह से कुल 9 लोगों ने अपना बलिदान दिया है।

बड़ी बात ये है कि जहां-जहां पर नक्सलियों का गढ़ रहा है, वहां-वहां पर फोर्स सुरक्षा कैंप खोलती जा रही है। बस्तर के बीहड़ इलाके में नक्सलियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खात्मे के लिए सरकार का फोकस नक्सलियों के गढ़ में पुलिस सुरक्षा कैंप खोलने पर है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्च 2026 से पहले बस्तर को नक्सलवाद से मुक्त करने की संकल्प के साथ बस्तर में पुलिस सुरक्षा बल तेजी से आगे बढ़ रही है।

इसी बौखलाहट का परिणाम बीजापुर की नक्सली घटना है। नक्सलियों ने सोमवार को बीजापुर जिले के कुटरू के अम्बेली नाला के पास बारूदी सुरंग (IED) विस्फोट कर फोर्स के वाहन को उड़ा दिया। इसमें दंतेवाड़ा जिले के जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के 8 जवान और एक डाइवर वीरगति को प्राप्त हो गये। इस तरह से कुल 9 लोगों ने अपना बलिदान दिया है।

इसी बौखलाहट का परिणाम बीजापुर की नक्सली घटना है। नक्सलियों ने सोमवार को बीजापुर जिले के कुटरू के अम्बेली नाला के पास बारूदी सुरंग (IED) विस्फोट कर फोर्स के वाहन को उड़ा दिया। इसमें दंतेवाड़ा जिले के जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के 8 जवान और एक डाइवर वीरगति को प्राप्त हो गये। इस तरह से कुल 9 लोगों ने अपना बलिदान दिया है।

बड़ी बात ये है कि जहां-जहां पर नक्सलियों का गढ़ रहा है, वहां-वहां पर फोर्स सुरक्षा कैंप खोलती जा रही है। बस्तर के बीहड़ इलाके में नक्सलियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खात्मे के लिए सरकार का फोकस नक्सलियों के गढ़ में पुलिस सुरक्षा कैंप खोलने पर है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्च 2026 से पहले बस्तर को नक्सलवाद से मुक्त करने की संकल्प के साथ बस्तर में पुलिस सुरक्षा बल तेजी से आगे बढ़ रही है।

फोर्स के टारगेट पर खूंखार नक्सली कमांडर हिड़मा
खूंखार नक्सली कमांडर हिड़मा के गांव से लगे पड़ोसी गांव में नया फोर्स कैंप खुला है। इस पूरे इलाके को सुरक्षाबलों ने अपने कब्जे में ले रखा है। पुलिस फोर्स के टारगेट पर खूंखार नक्सली कमांडर हिड़मा है। फोर्स हिड़मा को जमीन में दफनाने या उसे सरेंडर करने के लिए बस्तर में तेजी से आगे बढ़ रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में हिड़मा की गिरफ्तारी, एनकाउंटर या सरेंडर हो सकता है।

बस्तर के बीहड़ इलाके में बड़ा अभियान
बस्तर के बीहड़ इलाके में नक्सलियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खात्मे के लिए सरकार का फोकस नक्सलियों के गढ़ में पुलिस सुरक्षा कैंप खोलने के लिए है। बस्तर के उन सभी इलाकों में पुलिस सुरक्षा कैंप खोले जा रहे हैं, जहां नक्सलियों का कोर इलाका है। नक्सली कमांडर हिड़मा के गांव में कैंप खोला गया था। अब इसके पड़ोसी गांव गोल्लाकुंडा को भी सुरक्षाबलों ने अपने कब्जे में ले रखा है। शनिवार को सुरक्षा बल ने यहां पहुंचकर कैंप खोला है। ऐसे में इन इलाकों में सुरक्षा बल के कैंप खुलने से नक्सलियों की कमर टूट रही है। नक्सली संगठन कमजोर हो रहे हैं। नक्सलवाद की जड़ें कमजोर हो रही हैं।

इन इलाकों में सुरक्षा कैंप, 2024 में सबसे ज्यादा खुले 
बीजापुर जिले के बॉर्डर के गोल्लाकुंडा में कैंप खुलने से दोनों जिलों के इलाके अब सीधे एक दूसरे से जुड़ गये हैं। यहां नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में और तेजी आ रही है। बस्तर के कोर नक्सल इलाकों में वर्ष 2024 में  सबसे ज़्यादा सुरक्षा बलों के कैंप खोले गए हैं। इस साल जिन गांवों में सुरक्षा बलों का कैंप खुला है, उनमें सुकमा के मुलेर,टेकलगुडेम, परिया, पूवर्ती, सलातोंग, लखापाल पुलनपाड़ शामिल हैं। इसके साथ ही दंतेवाड़ा के नेरली घाटी, कांकेर के पानीडोबरी,  नारायणपुर के कस्तूरमेटा, इरकभट्टी, मसपुर, मोहंदी, बीजापुर के गुंडम, पुतकेल, छुटवही गांव भी शामिल हैं।

छत्तीसगढ़ की नई नक्सल पुर्नवास नीति
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले आत्मसमर्पित नक्सलियों और पीड़ित परिवारों को मुख्यधारा में जोड़ने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिया जायेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार मुख्यधारा से जुड़ने वालों का घर बसाएगी। उन्हें उनकी जरूरत की सभी दैनिक वस्तुएं देगी। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों और उनके स्वजन विकास के लिए सरकार अलग से बजट बनाई है। पुनर्वास की नीति के ज्यादातर प्रावधान असम से लिए गए हैं। क्योंकि प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने असम का दौरा करके वहां का अध्ययन किया है। वहां की नीति का 80 प्रतिशत हिस्सा छत्तीसगढ़ में भी लिया गया है।

पुनर्वास नीति के प्रावधान

  • नक्सलियों को आवास
  • स्वरोजगार के लिए बैंक से ब्याज मुक्त लोन
  • मासिक गुजारे के लिए अनुदान राशि
  • समर्पित किए गए गोला-बारूद के लिए प्रोत्साहन

इसलिये पुनर्वास नीति अहम
रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, जिस तरह से पूर्वोत्तर राज्य असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड और त्रिपुरा में आतंकवादियों के आत्मसमर्पण  और पुनर्वास की नीति के बाद वहां आतंकवाद पर काबू पाया गया,उसी फार्मूले से छत्तीसगढ़ में भी नक्सलियों का अंत किया जा सकता है।

अमित शाह का प्लान
बीजापुर की नक्सली घटना से पहले पांच जनवरी को सुरक्षा बलों ने अबूझामाड़ में एक महिला नक्सली समेत कुल पांच नक्सलियों को मार गिराया था। छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि मार्च 2026 से पहले छत्तीसगढ़ समेत देश से नक्सलियों का खात्मा कर दिया जायेगा पर बीजापुर की घटना से नक्सलियों ने अपनी उपस्थिति का एहसास करा दिया है।

सीएम का कहना है
प्रदेश के मुख्यमंत्री सीएम विष्णुदेव साय, राज्य गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा था कि हमारी सरकार नक्सलवाद के खिलाफ मजबूती से लड़ रही है। नक्सल ऑपरेशन कर लगातर नक्सलियों का सफाया किया जा रहा है। उन्होंने नक्सलियों ने
गोली और हथियार-बारूद छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होकर सरेंडर करने का अनुरोध किया था।

 

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Author: planetnewsindia

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