Bareilly Major News:
साल 2024 में बरेली में कई बड़ी घटनाएं घटीं, जो सुर्खियों में रहीं। चाहे वह पीलीभीत बाइपास गोलीकांड हो या फिर गूगल मैप की वजह से हुआ हादसा। पुलिस ने साइको किलर को गिरफ्तार कर सिलसिलेवार तरीके से हुई महिलाओं की हत्या का खुलासा किया। जानते हैं सालभर के घटनाक्रम…

बरेली में साल 2024 में साइको किलर की गिरफ्तारी से लोगों को दहशत से निजात मिली। शाही-शीशगढ़ क्षेत्र में महिलाओं की लगातार हत्या के कारण पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई थी। हत्याएं एक ही तरीके से हो रही थीं। इसलिए शक था कि हत्या कोई एक ही शख्स कर रहा है। प्रभाकर चौधरी और सुशील घुले जैसे अधिकारी तमाम कोशिश करके थक गए लेकिन खुलासे का श्रेय मौजूदा एसएसपी अनुराग आर्य को मिला।

अमर उजाला की खबरों का संज्ञान लेकर एसएसपी ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और साइको किलर नवाबगंज निवासी कुलदीप गंगवार को गिरफ्तार कर लिया गया। कुलदीप ने छह महिलाओं की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली। बाद में तीन और मामलों में उसकी संलिप्तता पाई गई। सौतेली मां के व्यवहार और पत्नी के छोड़कर जाने से वह महिलाओं से नफरत करने लगा था। इसलिए महिलाओं की हत्या कर सुकून महसूस करता था।

पटाखा फैक्टरी में धमाके से दहला जिला
दीपावली से पहले दो अक्तूबर को सिरौली क्षेत्र के कल्याणपुर गांव में पटाखों की अवैध फैक्टरी में धमाका हो गया था। इससे पांच मकान ध्वस्त हो गए थे। हादसे में पांच लोगों की जान चली गई थी। हादसा इतना भयावह था कि इसके बाद पुलिस-प्रशासन ने पूरे जिले में बारूद का भंडारण करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया था। पुलिस ने बारूद रखने वाले लोगों पर भी कार्रवाई की थी।

अधूरे पुल से गिरी थी कार
बरेली और बदायूं जिले की सीमा पर अधूरे पुल के कारण हुआ हादसा देशभर में सुर्खियों में रहा। दातागंज और फरीदपुर बरेली को जोड़ने के लिए रामगंगा पर पुल बना था। इसका फरीदपुर छोर का संपर्क मार्ग बाढ़ में बह गया था। अधूरे पुल के कारण 24 नवंबर को कार सवार तीन लोग हादसे का शिकार हो गए थे। वह गूगल मैप के सहारे रास्ते पर चले गए और पुल खत्म होते ही उनकी कार 20 फुट नीचे जा गिरी, जिससे तीनों लोगों की मौत हो गई थी।
बरेली और बदायूं जिले की सीमा पर अधूरे पुल के कारण हुआ हादसा देशभर में सुर्खियों में रहा। दातागंज और फरीदपुर बरेली को जोड़ने के लिए रामगंगा पर पुल बना था। इसका फरीदपुर छोर का संपर्क मार्ग बाढ़ में बह गया था। अधूरे पुल के कारण 24 नवंबर को कार सवार तीन लोग हादसे का शिकार हो गए थे। वह गूगल मैप के सहारे रास्ते पर चले गए और पुल खत्म होते ही उनकी कार 20 फुट नीचे जा गिरी, जिससे तीनों लोगों की मौत हो गई थी।

लेखपाल हत्याकांड
बरेली के फरीदपुर तहसील में तैनात लेखपाल मनीष कश्यप को बहाने से बुलाकर उनकी हत्या कर दी गई थी। वह 27 नवंबर से लापता थे। उनके सिर का कंकाल कैंट क्षेत्र के नाले से बरामद हुआ। हत्या की साजिश पांच लाख की फिरौती वसूलने के लिए तैनाती क्षेत्र में रहने वाले दोस्त ओमवीर कश्यप उर्फ अवधेश ने अपने तीन रिश्तेदारों के साथ मिलकर रची थी। पुलिस ने ओमवीर को गिरफ्तार कर मामले की खुलासा किया।
गौसगंज कांड
शाही थाना क्षेत्र के गौसगंज गांव में 19 जुलाई को युवक की हत्या कर दी गई थी। विवादित धर्मस्थल की छत से पड़ोस में रहने वाले दूसरे समुदाय के घर में लेजर लाइट की रोशनी डाली जा रही थी। इस पर ऐतराज के बाद हुए विवाद के बाद दो समुदाय के लोग आमने सामने आ गए थे। एक पक्ष के हमलावर पूर्व प्रधान हीरालाल के बेटे तेजपाल को धर्मस्थल में खींच ले गए थे। इन लोगों ने लाठी डंडों से पीटकर उसे बेरहमी से पीटा था, अस्पताल में तेजपाल की मौत हो गई थी। इस घटना से उस वक्त सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की स्थिति आई थी।

साइबर ठगों ने बरेली वालों को लगाया 22 करोड़ रुपये का चूना
पूरे साल साइबर ठगों ने शहरवासियों को जमकर चूना लगाया। साइबर ठगी की 5,829 शिकायतें पुलिस के पास आईं। 157 मामलों में मुकदमे दर्ज किए गए। शहर के लोगों से करीब 22.76 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई। पुलिस और साइबर थाने की टीम ने 2.92 करोड़ रुपये फ्रीज करा दिए।
पूरे साल साइबर ठगों ने शहरवासियों को जमकर चूना लगाया। साइबर ठगी की 5,829 शिकायतें पुलिस के पास आईं। 157 मामलों में मुकदमे दर्ज किए गए। शहर के लोगों से करीब 22.76 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई। पुलिस और साइबर थाने की टीम ने 2.92 करोड़ रुपये फ्रीज करा दिए।
Author: planetnewsindia
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