UP: कृतार्थ हत्याकांड में नया मोड़… तीन माह बाद पुलिस ने बदली पूरी कहानी; अब आठवीं के छात्र को बताया कातिल

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हाथरस में हुए मासूम छात्र कृतार्थ हत्याकांड में नया मोड़ आ गया है। तीन माह बाद पुलिस ने कहानी बदल दी। पुलिस ने अब आठवीं के छात्र को कातिल बताया है। पुलिस ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। पुलिस ने पूर्व में गिरफ्तार पांच आरोपियों से हत्या और आपराधिक साजिश की धारा हटा दी है। आरोपियों को जमानत मिल गई है।

Hathras School Boy Murder Case: 

 उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के डीएल पब्लिक स्कूल के कक्षा दो के छात्र कृतार्थ की हत्या कहानी को तीन माह बाद पुलिस ने बदल दिया है। आरोप पत्र में तंत्र-मंत्र में हत्या किए जाने के पुलिस पूर्व में किए गए दावे को पूरी तरह से नकार दिया है और कक्षा आठवीं के छात्र को हत्या करने का आरोपी बनाया है।
पुलिस उसे 16 दिसंबर को गिरफ्तार कर मथुरा बाल सुधार गृह भेज चुकी है। पुलिस का कहना है कि स्कूल में छुट्टी कराने के लिए उसने कृतार्थ की हत्या की थी। पुलिस ने दो दिन पहले 23 दिसंबर को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संजीव कुमार त्रिपाठी के न्यायालय आरोप पत्र दाखिल किया।

इसमें पूर्व में गिरफ्तार किए गए स्कूल के प्रबंधक दिनेश बघेल समेत पांच आरोपियों से हत्या और आपराधिक साजिश रचने की धारा हटा दी है। साक्ष्य मिटाने और पुलिस को जानकारी नहीं देने का आरोपी उन्हें बनाया है। धारा कम होने के बाद उन्हें कोर्ट से जमानत भी मिल गई है।

गत 23 सितंबर को सुबह कृतार्थ का शव डीएल पब्लिक स्कूल के प्रबंधक दिनेश बघेल की कार में सादाबाद में मिला था। वह विद्यालय परिसर में बने छात्रावास में रहकर पढ़ाई करता था। इस मामले में पुलिस ने 26 सितंबर को प्रबंधक दिनेश बघेल, राम प्रकाश सोलंकी, लक्ष्मण सिंह , वीरपाल सिंह, जसोदन सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

इस मामले में मौजूदा थाना अध्यक्ष सहपऊ ललित कुमार शर्मा ने इस मुकदमे की विवेचना, वादी और गवाहों के बयान के आधार पर आरोपियों पर हत्या व आपराधिक षडयंत्र आदि धाराओं का होना नहीं पाया। इन आरोपियों को साक्ष्य के विलोपन और अपराध की सूचना न दिए का आरोपी बनाया है।

विवेचक ने पांचों आरोपियों की धारा परिवर्तन के लिए न्यायालय में 18 दिसंबर को प्रार्थना पत्र दाखिल किया था, जिसे न्यायालय ने स्वीकार किया। विवेचक ने इस मामले में 23 दिसंबर को न्यायालय में 436 पन्नों का आरोप पत्र दाखिल किया है। इस आरोप पत्र में 29 गवाह बनाए गए हैं। 90 दिनों में न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया है।

इधर, इन पांचों आरोपियों का जमानत प्रार्थना अधिवक्ता डॉ. पार्थ गौतम ने 24 दिसंबर को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में दाखिल किया। न्यायालय ने आरोपी दिनेश बघेल, राम प्रकाश सोलंकी, लक्ष्मन सिंह, वीरपाल सिंह एवं जशोदन सिंह उर्फ भगत को जमानत मंजूर कर दी है।

इस केस की पुन: विवेचना की गई है। इस मामले में फिर से सभी के बयान दर्ज किए गए थे। बच्चों के भी बयान लिए गए थे। सीसीटीवी फुटेज परीक्षण भी किया गया था। इसके बाद नए तथ्य फिर सामने आए थे। न्यायालय ने भी बारीकी से हर चीज का अध्ययन किया है। जो पुलिस पर आरोप लगे हैं, वह निराधार हैं। पीड़ित आगे न्यायालय की शरण भी ले सकता है।

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Author: planetnewsindia

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