कानपुर – सभी महिला गंगा नदी राफ्टिंग अभियान 2024

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महिला सशक्तिकरण और गंगा नदी के संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, सीमा सुरक्षा बल (BSF) और राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (जल शक्ति मंत्रालय) द्वारा संयुक्त रूप से ALL WOMEN GANGA RIVER RAFTING EXPEDITION – 2024 का आयोजन किया गया। यह अभियान गंगा नदी के किनारे से लेकर गंगासागर तक 53 दिनों तक चलेगा और इस दौरान अभियान का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण, नदी संरक्षण, और स्वच्छ गंगा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है। इस अवसर पर जागरुकता अभियान आयोजित किया गया, जिसमें स्कूली बच्चों और स्थानीय नागरिकों को नदी की सफाई और गंगा नदी के महत्व के बारे में जागरूक किया जाएगा। अभियान का एक हिस्सा गंगा घाट पर राफ्टिंग का होगा, जहां महिलाएं इस अभियान में हिस्सा लेंगी। Flag-off ceremony- 19 नवम्बर 2024 को बोट क्लब/अटल घाट, कानपुर में प्रातः 12:30 बजे सीमा सुरक्षा बल द्वारा आयोजित की गयी। इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पुलिस आयुक्त श्री अखिल कुमार महोदय द्वारा उपस्थित रहकर अभियान दल के सदस्यों का उत्साहवर्धन किया गया और इस अभियान को और अधिक प्रेरणादायक बनाया गया। मौके पर सीमा सुरक्षा बल के वरिष्ठ अधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी कानपुर, पुलिस उपायुक्त यातायात व अन्य अधिकारीगण मौजूद रहें। यह अभियान न केवल महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है, बल्कि यह गंगा नदी की सफाई और संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

Uttar Pradesh Govt
UP Police
Kanpur Nagar Traffic Police
BSF India

मीडिया रिपोर्टर पंकज कुमार गुप्ता जालौन उत्तर प्रदेश प्लानेट न्यूज

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Author: planetnewsindia

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संजय भाटिया ने लोकसभा चुनाव में रचा था इतिहास संजय भाटिया कुरुक्षेत्र विश्वविद्याल ग्रेजुएट हैं। इनका जन्म हरियाणा के पानीपत जिले में हुआ है। वह भाजपा के महामंत्री भी रह चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी संजय भाटिया ने अपने पहले ही लोकसभा चुनाव में इतिहास रच दिया था। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 6.54 लाख मतों के अंतर से मात दी थी। संजय भाटिया ने प्रदेश के 53 साल के इतिहास में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 909432 वोट मिले थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप शर्मा को 654269 वोटों के अंतर से हराया था। राहुल गांधी ने दिया था कर्मवीर के नाम का सुझाव वहीं कर्मवीर सिंह बौद्ध किसी भी गुट या खेमे से जुड़े हुए नेता नहीं माने जाते। यही कारण है कि उन्हें संगठन के भीतर एक संतुलित और सर्व स्वीकार्य चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। वे ‘संविधान बचाओ अभियान’ में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते रहे हैं। एससी समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध सामाजिक संतुलन के नजरिये से भी एक अहम दावेदार है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वयं उनके नाम का सुझाव दिया है। अंबाला के मुलाना विधानसभा में रहने वाले कर्मवीर सिंह प्रशासकीय अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और लंबे समय से कांग्रेस से जुड़कर कार्य कर रहे थे। कांग्रेस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में एससी सेल का प्रभारी भी बनाया था। राष्ट्रीय स्तर पर वह कन्वीनर भी हैं।