प्रयागराज के हंडिया में सपा के जिला सचिव की सरेराह गोली मारकर हत्या कर दी। बाइक सवार तीन बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने शक के आधार पर गांव के प्रधान को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। पुलिस ने हंडिया टोल प्लाजा समेत जगह-जगह 42 सीसीटीवी कैमरे खंगाले हैं। केमरों में बाइक सवार तीनों बदमाश कैद हुए हैं लेकिन
आरोपियों की धुंधली फुटेज पुलिस के लिए चुनौती बनी है।

प्रयागराज के हंडिया में मंगलवार शाम बाइक सवार नकाबपोश तीन बदमाशों ने गंगापार के सपा जिला सचिव और पूर्व ग्राम प्रधान पवन कुमार यादव (50) की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात हंडिया थाने से महज 500 मीटर दूर कर्मनाशा मोहल्ले में हुई।गोली पवन की पीठ पर लगी। गंभीर हालत में उन्हें कई अस्पतालों में ले जाया गया, लेकिन एसआरएन अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पवन के बड़े भाई अशोक यादव की तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
गांव के प्रधान को हिरासत में लिया गया है। उधर, वारदात के बाद तीनों बदमाश बाइक से फरार हो गए। थाने से करीब 500 मीटर की दूरी पर हुई वारदात वारदात के बाद तीनों बदमाश बाइक से वाराणसी की ओर भाग निकले। हंडिया थाने से करीब 500 मीटर की दूरी पर हुई इस वारदात ने पुलिस की सक्रियता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
डीसीपी कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि आरोपियों की पहचान की जा रही है। जल्द ही गिरफ्तारी होगी। हंडिया थाना क्षेत्र के मुगरांव गांव निवासी पवन की मां धनराजी देवी भी गांव की प्रधान रही हैं। दोपहर बाद करीब तीन बजे पवन अपनी कार से हंडिया कस्बे पहुंचे।
प्रयागराज के हंडिया में पवन यादव की हत्या के बाद पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए जांच तेज कर दी है। अब तक हंडिया कस्बे और आसपास के 42 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई है। पुलिस ने हंडिया टोल प्लाजा के साथ ही भदोही जनपद के टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देखी है। फुटेज में तीनों बदमाश बाइक पर वाराणसी मार्ग बरौत की ओर जाते हुए कैद हुए हैं, जो काफी धुंधला है। ऐसे में पुलिस के लिए बदमाशों की पहचान करना चुनौती बन गई है।
पवन कुमार यादव दो भाइयों में छोटे थे। उनके बड़े भाई अशोक कुमार यादव मुगरांव गांव में ही किराना की दुकान और आटा चक्की चलाते हैं। पवन यादव का परिवार लंबे समय से गांव में सामाजिक और राजनीतिक रूप से सक्रिय रहा है। उनके चचेरे भाई हरीश चंद्र यादव भी समाजवादी पार्टी में सक्रिय रहे हैं और हंडिया विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। परिवार की राजनीतिक सक्रियता के कारण पवन यादव की क्षेत्र में अच्छी पहचान थी।
पवन की मौत की खबर मिलते ही पत्नी नीतू देवी बेसुध हो गईं। पवन यादव की तीन बेटियां खुशी, मुस्कान और छोटी तथा बेटा प्रिंस भी पिता की मौत से सदमे में हैं। परिवार के लोगों का कहना है कि उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि कुछ घंटे पहले घर से निकले पवन अब वापस नहीं लौटेंगे। घटना के बाद मुगरांव गांव में भी मातम पसरा है और बड़ी संख्या में ग्रामीण परिजनों को ढांढ़स बंधाने पहुंच रहे हैं।
पवन के बड़े भाई अशोक ने हंडिया थाने में अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है। परिजनों ने पवन से रंजिश रखने वाले दो लोगों के नाम बताए। पुलिस ने हत्या समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। जांच में गांव के वर्तमान प्रधान विनोद से जुड़ा सामने आया है। पुलिस को जानकारी मिली है कि पवन और विनोद में विवाद चल रहा था। इसी आधार पर पुलिस ने प्रधान को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों के बीच चल रहे विवाद का पवन की हत्या से कोई संबंध है या नहीं। पुलिस अन्य साक्ष्यों और घटनाक्रम को भी जोड़कर देख रही है।
पुलिस ने पवन का मोबाइल फोन कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस मोबाइल में दर्ज कॉल डिटेल, मैसेज और अन्य जानकारियों को खंगाल रही है। पिछले कुछ दिनों में उनके संपर्क में रहे लोगों की भी जानकारी जुटाई रही है। साथ ही पता लगा रही है कि उनका किसी व्यक्ति से धमकी या विवाद तो नहीं था। पवन की हत्या के पीछे पुराना विवाद भी सामने आ रहा है। पुलिस इस पहलू को भी जांच में शामिल कर रही है।