सिविल लाइंस के यश अस्पताल में ऑपरेशन किए बिना इलाज के नाम पर आयुष्मान कार्ड से 28,400 रुपये निकालने का मामला सामने आया है। हंडिया के लोढ़ीडीह निवासी राजेश्वर प्रसाद मिश्रा ने आरोप लगाया कि अस्पताल में हर्निया का ऑपरेशन तो किया गया, लेकिन हाइड्रोसील का नहीं किया गया।

सिविल लाइंस के यश अस्पताल में ऑपरेशन किए बिना इलाज के नाम पर आयुष्मान कार्ड से 28,400 रुपये निकालने का मामला सामने आया है। हंडिया के लोढ़ीडीह निवासी राजेश्वर प्रसाद मिश्रा ने आरोप लगाया कि अस्पताल में हर्निया का ऑपरेशन तो किया गया, लेकिन हाइड्रोसील का नहीं किया गया।
इसके बावजूद डिस्चार्ज समरी में दोनों के इलाज का उल्लेख कर आयुष्मान योजना के तहत भुगतान प्राप्त कर लिया गया। राजेश्वर ने पेट के निचले हिस्से में दर्द और हाइड्रोसील की शिकायत पर तेज बहादुर सप्रू चिकित्सालय और मोतीलाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय में जांच कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि यश अस्पताल के प्रबंधक डॉ.एके सक्सेना की सलाह पर 28 अगस्त 2025 को भर्ती हुए। 30 अगस्त को डॉ.एनके सिन्हा ने उनका ऑपरेशन किया और दो सितंबर को डिस्चार्ज कर दिया गया। अस्पताल की ओर से पांच दिन की दवा देकर पांच दिन बाद दोबारा दिखाने को कहा गया।
इसी दौरान आयुष्मान कार्ड से 28,400 रुपये का भुगतान भी अस्पताल को होने का संदेश उन्हें मिला। राजेश्वर का आरोप है कि डॉक्टरों की सलाह के मुताबिक दो महीने तक दवाएं लेने के बाद भी समस्या दूर नहीं हुई। उन्हें संदेह हुआ कि हाइड्रोसील का ऑपरेशन हुआ ही नहीं है। अस्पताल में शिकायत करने पर डॉक्टरों ने कुछ दिन में ठीक होने की बात कही। उनका यह भी आरोप है कि ऑपरेशन नहीं होने के बावजूद ड्रेसिंग की जाती रही।
गलत तरीके से भुगतान लेने का लगाया आरोप
एफआईआर के मुताबिक परेशानी बढ़ने पर उन्होंने 10 मार्च 2026 को दोबारा मंडलीय चिकित्सालय में जांच कराई। वहां अल्ट्रासाउंड में हाइड्रोसील होने की बात सामने आई। इसके बाद राजेश्वर ने अस्पताल के दोनों डॉक्टरों, प्रबंधन पर इलाज के नाम पर धोखाधड़ी करने और आयुष्मान योजना से गलत तरीके से भुगतान लेने का आरोप लगाया। सिविल लाइंस थाना प्रभारी रामाश्रय यादव ने बताया कि एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।


