पुलिस की मौजूदगी में गांव धनाल और गांव रंधावा मसंदा में बनाए जा रहे अवैध कमर्शियल निर्माणों पर कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने बताया कि इन निर्माणों को पीएपीआरए एक्ट-1995 और पंजाब रीजनल एंड टाउन प्लैनिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट-1995 के तहत नोटिस जारी कर पहले ही निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए गए थे।

जालंधर जिला नगर योजनाकार विंग ने नगर निगम सीमा से बाहर स्थित दो अवैध व्यावसायिक निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई पंजाब सरकार के निर्देशों तथा जालंधर विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक नितेश कुमार जैन और अतिरिक्त मुख्य प्रशासक तेजदीप सिंह सैनी के आदेशों पर की गई।
पुलिस की मौजूदगी में गांव धनाल और गांव रंधावा मसंदा में बनाए जा रहे अवैध कमर्शियल निर्माणों पर कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने बताया कि इन निर्माणों को पीएपीआरए एक्ट-1995 और पंजाब रीजनल एंड टाउन प्लैनिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट-1995 के तहत नोटिस जारी कर पहले ही निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद संबंधित मालिकों ने न तो कोई संतोषजनक जवाब दिया और न ही निर्माण कार्य बंद किया।
नियमों की लगातार अनदेखी के चलते विभाग ने डिमोलिशन की कार्रवाई अमल में लाई। जिला नगर योजनाकार (रेगुलेटरी) ने कहा कि जिले में भविष्य के सुनियोजित विकास और अवैध निर्माणों पर रोक लगाने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। साथ ही जेडीए ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी प्लॉट, दुकान या संपत्ति की खरीद से पहले यह सुनिश्चित करें कि संबंधित कॉलोनी या निर्माण पुडा/जेडीए से विधिवत मंजूर है। किसी भी विज्ञापन या प्रलोभन में आने से पहले विभाग से स्वीकृति की जांच अवश्य करें, ताकि आर्थिक नुकसान से बचा जा सके। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि जिले में किसी भी प्रकार का निर्माण शुरू करने या संपत्ति खरीदने से पहले आवश्यक सरकारी अनुमतियां लेना अनिवार्य है।




