पूरी उड़ान के दौरान विमान में सवार यात्रियों की सांसें अटकी रहीं। पहले तकनीकी खराबी और फिर खराब मौसम के कारण लैंडिंग में आई कठिनाई ने यात्रियों की चिंता बढ़ा दी। हालांकि विमान में यात्रियों की संख्या अपेक्षाकृत कम होने से स्थिति पूरी तरह नियंत्रित रही।

दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से शनिवार सुबह 5:55 बजे हलवारा एयरपोर्ट के लिए रवाना हुई एयर इंडिया फ्लाइट संख्या एआई-481 में एक ही उड़ान के दौरान दो ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने यात्रियों की धड़कनें बढ़ा दीं।
हालांकि यात्रियों की परीक्षा यहीं खत्म नहीं हुई। हलवारा पहुंचने पर एयरपोर्ट के आसपास तेज बारिश, आंधी और खराब मौसम के कारण विमान की पहली लैंडिंग का प्रयास सफल नहीं हो सका। पायलट ने विमान को हवा में नियंत्रित रखते हुए हलवारा के आसमान में दो चक्कर लगाए और मौसम की स्थिति का आकलन किया। कुछ देर बाद दूसरी बार लैंडिंग का प्रयास किया गया, जो सफल रहा और
विमान सुरक्षित रूप से हलवारा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उतर गया।
पूरी उड़ान के दौरान विमान में सवार यात्रियों की सांसें अटकी रहीं। पहले तकनीकी खराबी और फिर खराब मौसम के कारण लैंडिंग में आई कठिनाई ने यात्रियों की चिंता बढ़ा दी। हालांकि विमान में यात्रियों की संख्या अपेक्षाकृत कम होने से स्थिति पूरी तरह नियंत्रित रही और किसी तरह की अफरा-तफरी नहीं मची। सभी यात्री सुरक्षित लैंडिंग की दुआ करते रहे।
उड़ान में सवार यात्री डॉ. संजीव कुमार बक्शी ने बताया कि पहले विमान में आई तकनीकी खराबी के कारण उसे दिल्ली वापस लौटाना पड़ा। इसके बाद विमान बदलकर दूसरी उड़ान से रवाना किया गया, लेकिन हलवारा पहुंचने पर खराब मौसम के कारण पहली बार लैंडिंग नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि दोनों घटनाओं के कारण विमान में बैठे सभी यात्री काफी घबराए हुए थे। जब दूसरी कोशिश में विमान सुरक्षित उतर गया तो सभी यात्रियों ने राहत की सांस ली।
पिछले एक वर्ष में एयर इंडिया की उड़ानों पर उठे सुरक्षा संबंधी सवाल
बीते एक वर्ष के दौरान एयर इंडिया के विमानों में तकनीकी खराबी और परिचालन संबंधी समस्याओं के कई मामले सामने आए हैं। विभिन्न उड़ानों में इंजन, हाइड्रोलिक सिस्टम, एयर कंडीशनिंग, तकनीकी चेतावनी संकेत तथा अन्य तकनीकी कारणों से विमानों को बीच रास्ते से वापस लौटाना पड़ा या वैकल्पिक एयरपोर्ट पर उतारना पड़ा। कई उड़ानों में यात्रियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा, जबकि कुछ मामलों में विमान बदलकर यात्रा पूरी कराई गई।
हाल के महीनों में विमानन क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर बढ़ी संवेदनशीलता के बीच नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) भी एयरलाइनों की तकनीकी निगरानी और सुरक्षा मानकों पर लगातार नजर बनाए हुए है।
विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी खराबी की स्थिति में विमान को तत्काल वापस लौटाने या वैकल्पिक एयरपोर्ट पर उतारने का फैसला यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की स्थापित प्रक्रिया का हिस्सा है।
शनिवार को दिल्ली से हलवारा की उड़ान में भी पायलट और एयरलाइन ने तकनीकी खराबी सामने आते ही एहतियात बरतते हुए विमान को वापस दिल्ली उतारा और बाद में दूसरा विमान उपलब्ध कराया।
