जोगा फोलड़ीवाल द्वारा इंस्टाग्राम स्टोरी पर साझा की गई पोस्ट में लिखा गया कि दोनों युवकों ने जेल में उसके साथी सुखमन बराड़ को नुकसान पहुंचाया था, जिसका बदला लिया गया है। पोस्ट में यह भी कहा गया कि पप्पू कभी उनके गिरोह का हिस्सा था, लेकिन बाद में हालात बदल गए।

विदेश में बैठे कुख्यात गैंगस्टर जोगा फोलड़ीवाल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर सौरभ और सिमरनजीत सिंह उर्फ पप्पू की हत्या की जिम्मेदारी ली है। गैंगस्टर ने दावा किया कि यह हमला उसके इशारे पर किया गया और इसके पीछे जेल के अंदर हुई पुरानी रंजिश मुख्य वजह है।
जोगा फोलड़ीवाल द्वारा इंस्टाग्राम स्टोरी पर साझा की गई पोस्ट में लिखा गया कि दोनों युवकों ने जेल में उसके साथी सुखमन बराड़ को नुकसान पहुंचाया था, जिसका बदला लिया गया है। पोस्ट में यह भी कहा गया कि पप्पू कभी उनके गिरोह का हिस्सा था, लेकिन बाद में हालात बदल गए। गैंगस्टर ने सौरभ के साथियों को भी खुली धमकी देते हुए लिखा कि जो लोग जेल में हैं या बाहर, अब उनकी बारी है। पोस्ट के अंत में “जोगा फोलड़ीवाल” और “खत्री ग्रुप नवांशहर” का नाम भी लिखा गया है, जिससे मामले में गैंगवार की आशंका और गहरा गई है।
गैंगस्टर ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि सौरभ की हत्या उसके निर्देश पर करवाई गई। उसने लिखा कि वारदात को अंजाम देने के लिए सुपारी किलर को 15 राउंड गोलियां और एक पिस्टल उपलब्ध करवाई गई थी। सूत्रों के मुताबिक इस मामले में दो युवकों की गिरफ्तारी और हथियार बरामद होने की चर्चा है, हालांकि पुलिस ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
ताबड़तोड़ फायरिंग में हुई थी माैत
गौरतलब है कि बीते शुक्रवार बस्ती क्षेत्र के न्यू दशमेश नगर में अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं। हमले में सिमरनजीत सिंह उर्फ पप्पू और सौरभ गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सिमरनजीत की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई, जबकि सौरभ ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
प्रारंभिक जांच में पुलिस का मानना है कि वारदात पुरानी रंजिश और गैंगवार का परिणाम है। जांच में सामने आया है कि हमलावर पहले से सिमरनजीत की रेकी कर रहे थे और पूरी योजना बनाकर आए थे। इसी दौरान हुई फायरिंग में सौरभ भी गोली का शिकार हो गया।
पुलिस ने अब तक 7 नामजद आरोपियों की पहचान कर ली है, जबकि 2 अज्ञात हमलावरों की तलाश जारी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जालंधर समेत आसपास के जिलों में लगातार छापेमारी की जा रही है।
परिवारों का पुलिस पर गंभीर आरोप
दोनों युवकों की मौत के बाद परिवारों में भारी रोष है। परिजनों का आरोप है कि वारदात से एक दिन पहले हुए झगड़े की शिकायत थाना भार्गव कैंप में की गई थी और एएसआई को संभावित खतरे की जानकारी भी दी गई थी, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं की गई। परिवार का कहना है कि यदि पुलिस पहले ही सख्ती दिखाती तो शायद दो जानें बच सकती थीं।