सासनी-रुदायन मार्ग स्थित विवाह वन मैरिजहोम में चल रही संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के दौरान मुख्य वक्ता दीनबंधु दास जी महाराज ने प्रभु श्री राम के प्राकट्य की मनोहारी कथा का वर्णन किया, जिसे सुनकर उपस्थित भक्त भाव-विभोर हो गए।
शनिवार को कथा के दौरान जैसे ही महाराज जी ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जन्म का प्रसंग सुनाया, पूरा पांडाल जय श्री राम और अवधपुरी में भयो उजियारा के जयघोष से गूँज उठा। कथावाचक ने बताया कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म का भार बढ़ा है, तब-तब भगवान ने किसी न किसी रूप में अवतार लेकर धर्म की स्थापना की है। उन्होंने कहा कि श्री राम का जन्म केवल असुरों के संहार के लिए नहीं, बल्कि मानव समाज को आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा देने के लिए हुआ था। दीनबंधु दास जी महाराज ने कहा कि श्री राम का जीवन मर्यादा का पर्याय है। हमें उनके जीवन से धैर्य, अनुशासन और आज्ञाकारिता के गुणों को अपने जीवन में उतारना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रभु की कथा सुनने से मन की शुद्धि होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। कथा समापन के पश्चात प्रभु श्री राम की आरती की गई और प्रसाद का वितरण किया गया।
Author: Sunil Kumar
SASNI, HATHRAS



