पंजाब में पिछले कुछ दिनों से तापमान में बढ़ोतरी होती जा रही है। वीरवार को भी फरीदकोट का अधिकतम तापमान सबसे अधिक 45.9 डिग्री दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने हीटवेव का अलर्ट भी जारी किया हुआ है।

पंजाब में हीटवेव जानलेवा बनती जा रही है। पिछले 12 साल के अंदर सूबे में हीट वेव के कारण 1327 लोगों की जान गई है। एक साल के अंदर ही हीटवेव के कारण मृत्यु दर में 60 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। पीजीआई की एक स्टडी के अनुसार 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए हीट वेव अधिक खतरनाक है।
एनसीआरबी की रिपोर्ट मुताबिक के पिछले तीन साल से हीटवेव के कारण मौतों में बढ़ोतरी होती जा रही है। वर्ष 2021 में हीटवेव के कारण 91 लोगों की जान गई थी, जबकि वर्ष 2022 में मौतों की संख्या बढ़कर 130 तक पहुंच गई। इसी तरह वर्ष 2023 में जहां 114 लोगों की जान चल गई, वहीं वर्ष 2024 में 183 लोगों की हीटवेव के कारण मृत्यु हुई है। यह मौतें पिछले 12 साल के अंदर सबसे अधिक हैं।
पड़ोसी राज्यों की यह है स्थिति
पंजाब के पड़ोसी राज्यों में भी हीटवेव का खतरा बढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024 के दौरान हीटवेव के कारण हरियाणा में 131 लोगों की मौत हुई है, जबकि वर्ष 2023 में मौतों का आंकड़ा 71 था। इसी तरह राजस्थान में 75 लोगों की मौत हुई है, जबकि वर्ष 2023 में सिर्फ 3 लोगों की जान गई थी।
हीटवेव के कारण वरिष्ठ नागरिकों को अधिक खतरा
पीजीआई के सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रोफेसर रविंद्र खैवाल ने बताया कि हीटवेव का असर वरिष्ठ नागरिकों पर अधिक होता है। 2010 से 2015 तक के छह वर्षों के दैनिक मृत्यु आंकड़ों और मौसम रिकॉर्ड का विस्तृत विश्लेषण किया गया था, जिसमें सामने आया था कि 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में हीटवेव से मौत का खतरा सामान्य आबादी की तुलना में करीब डेढ़ गुना अधिक होता है।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
पंजाब के स्वास्थ्य विभाग ने हीटवेव को लेकर एडवाइजरी भी जारी की हुई है, जिसमें बच्चों और बुजुर्गों पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा गया है। एडवाइजरी के अनुसार दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच लोग तभी बाहर जाएं जब अत्यंत आवश्यक हो। हल्के रंग के और ढीले कपड़े पहनें। इसी तरह चाय, कॉफी, अल्कोहल और मीठे पेय पदार्थों का सेवन करने से परहेज करें, तले हुए, मसालेदार या बासी भोजन न खाएं और बच्चों या पालतू जानवरों को कभी भी पार्क किए गए वाहनों के अंदर न छोड़ें, क्योंकि यह जानलेवा हो सकता है।
पंजाब में हीटवेट के कारण मौतें (2013-2024)
वर्ष मौतें
2013 144
2014 123
2015 99
2016 145
2017 60
2018 38
2019 90
2020 110
2021 91
2022 130
2023 114
2024 183
