पंजाब में अब सभी जिलों में सोशल मीडिया की निगरानी होगी। जो भी व्यक्ति अश्लील, अपमानजनक या कानून विरोधी सामग्री तैयार करेगा, अपलोड करेगा या वायरल करेगा, उसके खिलाफ तुरंत केस दर्ज किया जाएगा।

पंजाब में अब सोशल मीडिया पर कुछ भी पोस्ट करने की आजादी कानून के दायरे में कसकर तौली जाएगी।
पंजाब के डीजीपी ने राज्यभर के सभी पुलिस कमिश्नरों और एसएसपी को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आपत्तिजनक कंटेंट पोस्ट, शेयर या प्रसारित करने वालों पर तुरंत एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। यह आदेश पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद जारी किया गया है।
हाईकोर्ट ने निर्णय लेने को कहा था
पीपुल वेलफेयर सोसायटी की ओर से एडवोकेट कुंवर पाहुल सिंह के माध्यम से दाखिल प्रतिनिधित्व में कहा गया था कि सोशल मीडिया पर तेजी से बढ़ रहा अश्लील और अवैध कंटेंट समाज, सार्वजनिक व्यवस्था और महिलाओं की गरिमा को प्रभावित कर रहा है। हाईकोर्ट ने 20 अप्रैल को राज्य सरकार और पुलिस को इस मुद्दे पर त्वरित निर्णय लेने को कहा था।
डीजीपी कार्यालय ने कहा कि सोशल मीडिया की निगरानी होगी। जो भी अश्लील, अपमानजनक या कानून विरोधी सामग्री तैयार करेगा, अपलोड करेगा या वायरल करेगा, उसके खिलाफ तुरंत केस दर्ज किया जाएगा। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन अब सिर्फ शिकायत का इंतजार नहीं करेंगे, बल्कि खुद ऐसे कंटेंट की पहचान कर उसका डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित करेंगे। इसके बाद संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिये कंटेंट हटाने या ब्लॉक कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
पंजाब पुलिस ने विशेष रूप से उन पोस्ट और वीडियो पर नजर रखने को कहा है जो हिंसा भड़का सकते हैं, सांप्रदायिक तनाव पैदा कर सकते हैं या महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं। इतना ही नहीं, संभावित उपद्रवियों के खिलाफ पहले से निवारक कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए हैं। डीजीपी ने सभी जिलों को सोशल मीडिया के दुरुपयोग के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए हैं।