यूपी के उन्नाव के कीरतपुर गांव के पास खरही पुल के अंधे मोड़ पर बुधवार को भीषण सड़क हादसा हुआ। डंपर ने पीछे से बोलेरो में टक्कर मारी। इससे बोलेरो सड़क किनारे पलट गई इसके बाद बेकाबू डंपर उसके ऊपर पलट गया। हादसे में मुंडन संस्कार से लौट रहे बोलेरो सवार छह लोगों की मौत हो गई। मृतकों मे चार लोग एक ही परिवार के थे। दंपती, तीन साल का बेटा सहित पांच लोग घायल हो गए।

बिहार-बक्सर मार्ग पर ओवरलोड डंपर हादसे का कारण बन रहे हैं। उन्नाव जिले में कीरतपुर गांव के पास खरही पुल के अंधे मोड़ पर बोलेरो पर पलटने वाले डंपर में गिट्टी लदी थी। इतना ही नहीं उसकी रफ्तार भी तेज थी।
इस मार्ग पर रोजाना सैकड़ों की संख्या में मौरंग और गिट्टी लदे ओवरलोड डंपर निकलते हैं जो बांदा और हमीरपुर से माल लेकर लखनऊ, रायबरेली, बाराबंकी, बहराइच और अयोध्या जाते हैं। बिहार थाना क्षेत्र के कीरतपुर के पास जहां घटना हुई वहां अंधा मोड़ है। यहां अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
पीडब्ल्यूडी विभाग ने पहले मोड़ पर संकेतक लगाया था जो टूट गया था। इससे दूर क्षेत्र से आने वाले चालकों को इसका पता नहीं होता और घटनाएं हो जाती है। अगर संकेतक लग जाए तो दुर्घटनाएं बच सकती हैं। दुर्घटनाओं को देखते हुए क्षेत्रीय लोगों ने कई बार इस मार्ग पर ब्रेकर बनवाने की मांग की, लेकिन उच्चाधिकारियों ने नहीं सुनी।
डीएम और एसपी ने जिला अस्पताल में जाना घायलों का हाल
बिहार-बक्सर मार्ग पर कीरतपुर गांव के पास हुए हादसे की सूचना पर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने जिला अस्पताल पहुंच घायलों का हाल जाना। जिलाधिकारी ने इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही न करने के निर्देश दिए। उधर, कागजी कार्रवाई पूरी करने में समय लगने से शाम पांच बजे पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू हो सकी।
हादसे में घायलों का हाल जानने के लिए जिलाधिकारी घनश्याम मीणा, पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह जिला अस्पताल पहुंचे। घायलों का हाल जानने के बाद एसीएमओ डॉ. हरिनंदन प्रसाद और सीएमएस डॉ. राजीव गुप्ता को निर्देश दिए कि घायलों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। मेडिकोलीगल में सभी चोटों को स्पष्ट दिखाया जाए।
मौजूद स्टाफ से घायलों का सही हालचाल जानने के निर्देश दिए। उधर, एसीएमओ डॉ. नरेंद्र सिंह ने पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंच कागजी प्रक्रिया जल्द पूरी कराने को कहा, तब शाम पांच बजे पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू हो पाई। दुर्घटना की सूचना पर सीओ मधुपनाथ मिश्रा, बिहार थानाध्यक्ष राहुल सिंह, बारासगवर एसओ धर्मेंद्रनाथ मिश्रा, बीघापुर एसओ राजपाल मौके पर पहुंचे।
सात सीटर बोलेरो में बैठे थे 11 लोग
बिहार-बक्सर मार्ग पर कीरतपुर के पास बोलेरो पर डंपर गिरने से हुई छह मौतों में घटना के समय बोलेरो में दो बच्चे सहित 11 लोग सवार थे जबकि उसमें सात लोगों के ही बैठने की परमिशन होती है। इसके बाद भी मानकों को ताक पर रखकर लोगों को बिठाया गया था। अगर कम लोग होते तो शायद कुछ लोगों की जान बच सकती थी।
धरी रह गईं दावत की तैयारी
बिहार-बक्सर मार्ग पर कीरतपुर गांव के पास हुए हादसे के बाद पठई गांव में मुंडन के बाद होने वाली दावत की तैयारी धरी रह गई। परिजन और रिश्तेदार जो मुंडन में शामिल होने गए थे। उन सभी का शाम को खाना था। नरेंद्र सिंह ने बताया कि खाने के लिए हलवाई भी लगाया था। इसलिए सुबह जल्दी मुंडन की प्रक्रिया पूरी कराई थी, ताकि सभी के आने के बाद हलवाई अपना काम शुरू कर सकें। लेकिन उससे पहले ही यह घटना हो गई और दावत की तैयारी धरी रह गई।
मृतकों के परिजनों को मिलेगा दो-दो लाख रुपये मुआवजा
जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने बताया कि हादसे में मृतकों के परिजनों को शासन से दो-दो लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा कृषक दुर्घटना बीमा सहित अन्य योजनाओं का भी लाभ दिलाने का प्रयास करेंगे। घायलों का बेहतर इलाज होगा, इसके लिए सीएमओ को आदेश दिया जा चुका है।
बोलेरो में टक्कर मारकर उसी पर पलटा डंपर, मां-बेटी समेत छह लोगों की मौत
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में कीरतपुर गांव के पास खरही पुल के अंधे मोड़ पर बुधवार को भीषण सड़क हादसा हुआ। डंपर ने पीछे से बोलेरो में टक्कर मारी। इससे बोलेरो सड़क किनारे पलट गई इसके बाद बेकाबू डंपर उसके ऊपर पलट गया। हादसे में मुंडन संस्कार से लौट रहे बोलेरो सवार मां-बेटी, जेठानी, भतीजी समेत छह लोगों की मौत हो गई। मृतकों मे चार लोग एक ही परिवार के थे। दंपती, तीन साल का बेटा सहित पांच लोग घायल हो गए। एक घायल को कानपुर हैलट भेजा गया है।
मौरावां थाना क्षेत्र के पठई गांव निवासी सूरज सिंह (38) के तीन साल के बेटे शुभ का बुधवार को बक्सर स्थित मां चंद्रिका देवी मंदिर में मुंडन संस्कार था। सूरज के पिता नरेंद्र सिंह ने बताया कि बुधवार सुबह 5:30 बजे पड़ोसी रामधनी यादव की बोलेरो से परिवार के लोग मुंडन संस्कार कराने गए थे।
बोलेरो में उनकी पत्नी गीता (50), बेटा सूरज, उसकी पत्नी मानसी उर्फ भारती (32), पौत्र शुभ, बेटी सुनीता (35), उसकी बेटी गौरी (12) निवासी शीर्ष थाना निगोहा लखनऊ, भाभी बिटान (52) पत्नी गुलाब सिंह, बिटान की बेटी बिहार थाना क्षेत्र के मलौना निवासी ज्योर्ता (33), पड़ोसी अर्चना (52) पत्नी राजू बाजपेई बैठे थे। बोलेरो रामधनी (50) चला रहे थे।
मंदिर पहुंचने के बाद सभी ने गंगा स्नान किया, फिर मुंडन कराया। सुबह करीब 9:30 बजे सभी बोलेरो से घर लौट रहे थे। सुमेरपुर-बक्सर मार्ग पर कीरतपुर गांव के पास खरही पुल के अंधे मोड़ पर बोलेरो चालक ने आगे चल रहे डंपर को ओवरटेक किया। सामने से दूसरा डंपर आता देख चालक ने ब्रेक लगाया तो पीछे वाले डंपर ने बोलेरो में टक्कर मार दी।
इससे बोलेरो आगे वाले डंपर में टकराने के बाद पलट गई। सामने दूसरा डंपर देख टक्कर मारने वाले डंपर के चालक ने ब्रेक लगाया तो वह अनियंत्रित होकर बोलेरो पर पलट गया। हादसे के बाद दोनों डंपरों के चालक भाग निकले। आसपास लोगों की भीड़ लग गई और पुलिस को सूचना दी।
सीओ मधुपनाथ मिश्र और एसओ पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। डंपर के नीचे दबी बोलेरो से लोगों को निकालने के लिए कटर मशीन बुलाई। कटर से बोलेरो का कुछ हिस्सा काटकर सभी को बाहर निकालकर स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया गया। डॉक्टर ने गीता, सुनीता, बिटान, ज्योति को मृत घोषित कर दिया। अन्य घायलों को जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल लाते समय अर्चना और रामधनी की भी मौत हो गई। सूरज, उनकी पत्नी मानसी, बेटे शुभ के साथ भांजी गौरी, भांजे आनंद को भर्ती कराया गया।
सूरज की हालत गंभीर देख हैलट रेफर कर दिया गया। बिहार थानाध्यक्ष राहुल सिंह ने बताया कि अंधा मोड़ और तेज रफ्तार की वजह से हादसा हुआ है। तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।