
हरियाणा सरकार ने पंचकूला के इंडस्ट्रियल एरिया में 14 औद्योगिक प्लॉटों के आवंटन से जुड़े सीबीआई मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी है।
ईडी ने हुड्डा को मुख्य साजिशकर्ता बताया है। ईडी ने पंचकूला इंडस्ट्रियल प्लॉट आवंटन मामले में अपनी शिकायत में हुड्डा को मुख्य साजिशकर्ता बताया है।
ईडी के अनुसार, हुड्डा ने अवैध आवंटन की योजना बनाई और चयनित आवंटियों को लाभ पहुंचाने के लिए पात्रता मानदंड में बदलाव किया। जांच एजेंसी ने यह भी दावा किया कि कई आवंटी हुड्डा के परिचित या उनके करीबी लोगों से जुड़े थे। रेनू हुड्डा और नंदिता हुड्डा उनके पैतृक गांव सांघी से थीं। कंवर प्रीत सिंह संधू उनके स्कूल मित्र के बेटे थे। मोना बेरी उनके ओएसडी की बहू थीं। डॉ. गणेश दत्त रतन उनके साथ टेनिस खेलते थे। प्रदीप कुमार उनके निजी सचिव के बेटे थे। इसके अलावा, अन्य आवंटियों के भी हुड्डा से प्रत्यक्ष या परोक्ष संबंध बताए गए हैं।
आवंटन में गड़बड़ी और नुकसान
ईडी के मुताबिक 14 प्लॉटों के लिए कुल 582 आवेदन आए थे। कई चयनित आवंटी आर्थिक रूप से कमजोर और अनुभवहीन थे। प्लॉट 6,400 प्रति वर्ग मीटर की दर से दिए गए, जबकि बाजार दर इससे कई गुना अधिक थी। जांच में सामने आया कि लगभग 30.34 करोड़ मूल्य के प्लॉट सिर्फ 7.85 करोड़ में बेच दिए गए, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ।


