प्रशासक गुलाब चंद कटारिया सेक्टर-35 स्थित आईएमए भवन में चंडीगढ़ रेजिडेंट्स एसोसिएशन वेलफेयर फेडरेशन (क्राफ्ड) की बैठक में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे।

चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) की ओर से मकानों में वायलेशन और अतिक्रमण के खिलाफ की जा रही कार्रवाई पर प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने पहली बार प्रतिक्रिया दी है।
रविवार को सेक्टर-35 स्थित आईएमए भवन में चंडीगढ़ रेजिडेंट्स एसोसिएशन वेलफेयर फेडरेशन (क्राफ्ड) की बैठक बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे कटारिया ने कहा कि इन दिनों यह मामला काफी गर्म है और लोग लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से सवाल करते हुए कहा कि सबसे पहले कोर्ट कौन गया था। कोर्ट के आदेश के बाद ही प्रशासन कार्रवाई कर रहा है।
डराकर नहीं झुका सकते हमें
अब हर महीने होगी क्राफ्ड की बैठक
क्राफ्ड की समस्याओं के समाधान को लेकर कटारिया ने कहा कि अब हर महीने क्राफ्ड के साथ बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। उन्होंने कहा कि बैठक में आने से पहले सभी प्रतिनिधि अपनी-अपनी आरडब्ल्यूए से फीडबैक लेकर आएं ताकि समस्याओं पर विस्तार से चर्चा कर उनका समाधान निकाला जा सके। कटारिया ने कहा कि किसी भी समस्या का हल आपसी बातचीत और साथ बैठकर निकाला जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी कागजों की प्रक्रिया लंबी होती है, इसलिए संवाद के माध्यम से काम तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। इस मौके पर उन्होंने क्राफ्ड के स्मारिका का विमोचन किया। मंच संचालन डॉ. अनीष गर्ग ने किया।
क्राफ्ड के चेयरमैन हितेश पुरी ने रखी ये मांग
-हाउसिंग बोर्ड के मकानों में तोड़फोड़ पर रोक लगाई जाए
-शहर के बच्चों को नौकरियों में 85 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए
-मेयर और पार्षदों को अधिक अधिकार दिए जाने चाहिए
-आरडब्ल्यूए को भी अधिक शक्तियां दीं जानी चाहिए
-दक्षिणी सेक्टरों में क्लब बनाने की मांग
-मनीमाजरा में गंदे पानी की समस्या जल्द दूर हो
-नेबरहुड नर्सिंग होम को अनुमति दी जाए
12 लाख आबादी के लिए मेट्रो व्यावहारिक नहीं
वाहनों का कम करें इस्तेमाल, बच्चों को स्कूटी नहीं साइकिल दें
प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सप्ताह में एक दिन सभी अपने घरों से वाहन न निकालें और पैदल अपने कार्यस्थल तक जाएं। उन्होंने कहा कि इसकी शुरुआत अधिकारी स्वयं करेंगे और साइकिल या पैदल कार्यालय पहुंचेंगे। अभिभावकों को कम उम्र के बच्चों को स्कूटी देने के बजाय साइकिल देनी चाहिए, क्योंकि स्कूली बच्चों के लिए इतनी कम उम्र में स्कूटी चलाना उचित नहीं है।
राजनेता और पुलिस ईमानदारी से काम करें तो खत्म हो सकता है नशा
नशे के मुद्दे पर कटारिया ने कहा कि यदि राजनेता और पुलिस व्यवस्था सही हो जाए तो छह महीने में नशे की समस्या खत्म की जा सकती है। उन्होंने कहा कि नशा परिवारों को बर्बाद कर रहा है और नशा बेचने वाले केवल पैसे के लिए दूसरों की जिंदगी खराब कर रहे हैं। कटारिया ने कहा कि यह गुरु और कुर्बानी की धरती है, इसलिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा, तभी समाज से नशे जैसी बुराई खत्म होगी।
बढ़ते अपराध पर कहा- अभी और सुधार की जरूरत
कटारिया ने कहा कि अपराधियों का वारदात के बाद आसानी से निकल जाना चुनौतीपूर्ण है। इसके लिए शहर में सुरक्षा बढ़ाते हुए नाकों की संख्या 18 से बढ़ाई गई है, हालांकि अभी और सुधार की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पंजाब विश्वविद्यालय जैसे संस्थान में गोलीबारी की घटना गंभीर चिंता का विषय है।
बेरोजगार युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ना जरूरी
बेरोजगारी पर उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे पैसों के लिए लोग अपराध की ओर बढ़ रहे हैं, जिसका बड़ा कारण रोजगार की कमी है। उन्होंने कहा कि बेरोजगार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ना जरूरी है।
संसाधनों के बेहतर उपयोग की जरूरत
सड़क और नगर निगम व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से 125 करोड़ रुपये का फंड नगर निगम को दिलाया गया लेकिन खर्चों में कटौती और संसाधनों के बेहतर उपयोग की आवश्यकता है।