राजस्थान के सिरोही जिले में अक्षय तृतीया और अन्य अवसरों पर संभावित बाल विवाह को रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। जिला कलेक्टर के निर्देश पर विभिन्न विभागों को सक्रिय कर दिया गया है और जागरूकता अभियान तेज किया गया है।

राजस्थान के सिरोही जिले में अक्षय तृतीया, पीपल पूर्णिमा और अन्य अवसरों पर संभावित बाल विवाह को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जिला कलेक्टर के निर्देश पर विभिन्न विभागों को सक्रिय किया गया है और बाल विवाह की रोकथाम के लिए कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है।
प्रशासन अलर्ट, विभागों को जारी निर्देश
जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में बाल विवाह होने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट रोहिताश्वसिंह तोमर ने सभी संबंधित विभागों को बाल विवाह की प्रभावी रोकथाम के लिए निर्देश जारी किए हैं।
वहीं, विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष श्रीमती सावित्री आनंद निर्भीक की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें रोकथाम के उपायों पर चर्चा हुई।
सूचना देने वाले को मिलेगा 5100 रुपये का इनाम
बाल कल्याण समिति ने बाल विवाह की सूचना देने वाले व्यक्ति को 5100 रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की है। इसके साथ ही सूचना देने के लिए 8005575524, 8306002138 और 1098 नंबर जारी किए गए हैं, जिन पर कोई भी व्यक्ति बाल विवाह से जुड़ी जानकारी दे सकता है।
जिला कलेक्टर ने ग्राम और तहसील स्तर पर सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों को बाल विवाह रोकने के लिए सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं। पटवारी, शिक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, महिला सुरक्षा सखी, पंचायत प्रतिनिधि, नगर निकाय कर्मचारी और स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार कर लोगों को जागरूक बनाने के आदेश दिए गए हैं।
स्कूलों में बच्चों की विशेष निगरानी के निर्देश
प्रशासन ने शिक्षा विभाग को भी अलर्ट किया है। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी और अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इन अवसरों पर स्कूल से अनुपस्थित रहने वाले बच्चों पर विशेष नजर रखी जाए। साथ ही सभी उपखंड अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में बाल विवाह रोकने के लिए प्रभावी निगरानी करने को कहा गया है। चेतावनी दी गई है कि यदि कहीं बाल विवाह होता है तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर सक्रिय
बाल विवाह की रोकथाम के लिए कंट्रोल रूम 181 स्थापित किया गया है। इसके अलावा पुलिस कंट्रोल रूम 100 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर मिलने वाली शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। विधिक सेवा प्राधिकरण की बैठक में बाल विवाह रोकने के लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार की गई। इसमें जागरूकता अभियान चलाने, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने और समय पर हस्तक्षेप सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता बताई और जिम्मेदारियां स्पष्ट करने पर भी चर्चा की।
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नियमित निगरानी और समीक्षा का फैसला
बैठक में यह भी तय किया गया कि बाल विवाह रोकथाम के लिए नियमित निगरानी की जाएगी और समय-समय पर समीक्षा बैठकें आयोजित कर प्रगति का आकलन किया जाएगा। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को खत्म करने में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध मामले की जानकारी तुरंत दें। बैठक में हरिसिंह देवल (उपखंड अधिकारी, सिरोही), जगदीश कुमार (तहसीलदार), राजेंद्र पुरोहित (सहायक निदेशक, बाल अधिकारिता विभाग), रतन बाफना (अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति), अंकिता राजपुरोहित (सहायक निदेशक, महिला अधिकारिता विभाग) और युगल किशोर (अतिरिक्त बीडीओ, सिरोही) सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।