
हरियाणा के विभिन्न जिलों में पिछले कुछ दिनों से जारी मौसम के बदलाव ने शनिवार की सुबह दिसंबर की सर्दी जैसा माहौल बना दिया। कई इलाकों में घना कोहरा और धुंध छा गई, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई और लोगों को ठंड का अहसास हुआ। हाल ही में हुई बारिश के बाद अब कोहरे ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है, जबकि किसानों के लिए यह बदलाव फायदेमंद साबित हो रहा है।
फतेहाबाद जिले में वीरवार की हल्की बारिश के बाद पूरा इलाका गहरी धुंध की चपेट में रहा। दृश्यता कम होने से नेशनल हाईवे पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ी और चालकों को लाइटें जलानी पड़ीं। अधिकतम तापमान 27 डिग्री जबकि न्यूनतम 15 डिग्री दर्ज हुआ। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह धुंध और तापमान में गिरावट गेहूं की फसल के लिए वरदान साबित हो रही है। ओस की बूंदें फसल को प्राकृतिक नमी दे रही हैं, जिससे दानों की चमक और गुणवत्ता बढ़ेगी। पैदावार में इजाफे की उम्मीद जताई जा रही है। कृषि विभाग ने किसानों को मौसम का फायदा उठाने और सावधानी बरतने की सलाह दी है।
बादली क्षेत्र में दो दिनों की रुक-रुक कर बारिश से खेती-बाड़ी को नुकसान पहुंचा है। किसानों के अनुसार सरसों की खड़ी फसल खराब हो गई है और गेहूं के उत्पादन पर भी बुरा असर पड़ा है। क्षेत्र में 15 से 18 एमएम तक बारिश दर्ज की गई।
हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में यह बदलाव आया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में बादल, हल्की बारिश और कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। लोगों को सड़कों पर सतर्क रहने और वाहन धीमी गति से चलाने की सलाह दी जा रही है।