किसी पुराने आपसी विवाद की शिकायत के आधार पर पुलिस टीम एक घर में दबिश देने पहुंची थी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस बिना महिला कर्मियों के घर में दाखिल हुई और युवकों को जबरन उठाने की कोशिश की।

जालंधर के भार्गव कैंप इलाके में पुलिस की छापेमारी के दौरान उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब स्थानीय परिवार ने पुलिस पर महिलाओं से मारपीट और बदसलूकी के गंभीर आरोप लगाए। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और पीड़ित परिवार ने उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
एसीपी वेस्ट विजय कंवर पाल ने कहा कि एएसआई परवीन साथियों को साथ लेकर रोहित को लेने गए थे। जिसके खिलाफ शिकायत दर्ज थी और वह बुलाने के बावजूद थाने नहीं आया था। इस मामले में एडीसीपी राकेश ने जांच के आदेश दिए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, किसी पुराने आपसी विवाद की शिकायत के आधार पर पुलिस टीम एक घर में दबिश देने पहुंची थी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस बिना महिला कर्मियों के घर में दाखिल हुई और युवकों को जबरन उठाने की कोशिश की। जब घर की महिलाओं ने इसका विरोध किया, तो उनके साथ कथित रूप से धक्का-मुक्की और मारपीट की गई।
पीड़ित महिलाओं ने कैमरे के सामने चोटों के निशान दिखाते हुए दावा किया कि पुलिसकर्मियों ने थप्पड़ मारे, कपड़े खींचे और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। परिवार का कहना है कि यदि कोई शिकायत थी तो कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर की जानी चाहिए थी।
परिजनों ने यह भी दावा किया कि घटना की सीसीटीवी फुटेज मौजूद है और चश्मदीद गवाह पुलिस के कथित व्यवहार की पुष्टि कर सकते हैं। फिलहाल परिवार ने संबंधित अधिकारियों से दोषी कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वहीं पूर्व विधायक और भाजपा नेता शीतल अंगुराल ने कहा कि परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए थाने का घेराव किया है। अधिकारियों ने एएसआई पर कार्रवाई का आश्वासन दिया था पर ऐसा नहीं हुआ।