RBSE 10वीं का रिजल्ट 23 मार्च को संभावित, पहली बार 12वीं से पहले जारी होगा परिणाम

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राजस्थान बोर्ड 10वीं का परिणाम अब 23 मार्च को जारी होने की संभावना है। मूल्यांकन लगभग पूरा हो चुका है और अंतिम सत्यापन जारी है। इस बार पहली बार 10वीं का रिजल्ट 12वीं से पहले और मार्च में घोषित होगा।

RBSE Class 10 Results Expected on March 23; Results to be Released Before Class 12 for the First Time

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) की 10वीं कक्षा का परिणाम अब 23 मार्च को जारी होने की संभावना है। बोर्ड ने पहले 20 मार्च तक रिजल्ट घोषित करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन छुट्टियों और मूल्यांकन प्रक्रिया में हुई देरी के कारण परिणाम की तारीख आगे बढ़ा दी गई है।

बोर्ड सूत्रों के अनुसार, कॉपियों का मूल्यांकन कार्य लगभग पूरा हो चुका है और अब सभी विषयों के अंक पोर्टल पर अपलोड कर कम्पाइल किए जा रहे हैं। इसके बाद डेटा को संबंधित फर्म को भेजा गया है, जहां अंतिम सत्यापन (फाइनल चेकिंग) की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। यह प्रक्रिया पूरी होते ही रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिया जाएगा।

इस बार एक खास बात यह भी है कि राजस्थान बोर्ड के इतिहास में पहली बार 10वीं का रिजल्ट 12वीं से पहले घोषित किया जाएगा। इतना ही नहीं, यह पहला अवसर होगा जब बोर्ड मार्च महीने में ही 10वीं का परिणाम जारी करेगा। आमतौर पर बोर्ड के रिजल्ट अप्रैल या मई में घोषित किए जाते रहे हैं।

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दरअसल, राज्य सरकार ने 1 अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र 2026-27 शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए बोर्ड प्रशासन ने 10वीं का परिणाम पहले जारी करने का निर्णय लिया है, ताकि नए सत्र की पढ़ाई समय पर शुरू हो सके। गौरतलब है कि इस वर्ष 10वीं बोर्ड की परीक्षाएं 12 फरवरी से शुरू हुई थीं, जिनमें कुल 10 लाख 68 हजार 109 विद्यार्थियों ने भाग लिया।

वहीं, बोर्ड ने आगामी वर्षों के लिए परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव भी किया है। नए सिस्टम के तहत वर्ष 2027 से 10वीं बोर्ड परीक्षा साल में दो बार आयोजित की जाएगी। पहला सेशन फरवरी और दूसरा सेशन मई में होगा। दोनों ही परीक्षाएं पूरे सिलेबस पर आधारित होंगी और परीक्षा पैटर्न में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

नए नियम के अनुसार, पहले सेशन में परीक्षा देने वाले विद्यार्थी दूसरे सेशन में अधिकतम तीन विषयों में अपने अंक सुधारने के लिए फिर से परीक्षा दे सकेंगे। वहीं जो छात्र पहले सेशन में शामिल नहीं हो पाएंगे, वे वैध मेडिकल सर्टिफिकेट या जिला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी) की अनुमति के साथ दूसरे सेशन में परीक्षा दे सकेंगे। RBSE ‘बेस्ट ऑफ टू अटेम्प्ट’ फॉर्मूला लागू करेगा, जिसके तहत दोनों प्रयासों में से बेहतर अंकों को ही अंतिम परिणाम में शामिल किया जाएगा।

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Author: Farheen

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