मोरना गांव के रामप्रसाद की हत्या में पुलिस ने दोनों बहनों को जेल भेज दिया था। नाबालिग किशोरी की कॉल डिटेल निकाली तो मेरठ के एक युवक से उसकी साढ़े पांच घंटे की बातचीत मिली। जांच की तो मामला खुल गया। आरोपी प्रेमी को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

भोपा के गांव मोरना में किसान रामप्रसाद (55) की हत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है। पुलिस की जांच में सामने आया कि मृतक की नाबालिग बेटी ने नींद की गोलियां अपने प्रेमी से मंगाई थीं। प्रेमी ने ही वारदात की योजना बनाई। घटना वाले दिन व रात दोनों ने लगभग साढ़े पांच घंटे बात की थी। पुलिस ने आरोपी मेरठ के थाना दौराला के गांव पनवाड़ी निवासी रॉकी को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले दोनों बहनों को जेल भेजा जा चुका है।
पुलिस ने हत्या का खुलासा कर दोनों आरोपियों की निशानदेही पर दो चाकू व नींद की गोली व खाली रेपर भी बरामद किया था। आरोपी बहनों ने पुलिस को बताया था कि नींद की गोली एक परिचित युवक से मंगाई थी। पुलिस ने बताया कि नाबालिग आरोपी के मोबाइल की जांच की तो उसकी घटना वाले दिन व रात में एक मोबाइल नंबर पर साढ़े पांच घंटे बात करना सामने आया। इसी आधार पर पुलिस ने युवक का पता लगाया। बृहस्पतिवार को क्षेत्र के गांव कासमपुरा चौराहा से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय ने उसे जेल भेज दिया। उसने योजना बनाकर नींद की गोली लाकर दी थी। इसके बाद घटना की गई।
पुलिस ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसकी बहन मोरना में रहकर क्षेत्र के गांव भुआपुर में सीएचओ के पद पर काम करती थी। अकसर वह अपनी बहन के यहां आता जाता रहता था। इसी दौरान मोरना की रहने वाली किशोरी से उसकी मुलाकत हुई थी। उसने उसे बात करने के लिए मोबाइल दिलाया था। दोनों आपस में बात करते थे। प्रेमिका ने उससे बताया कि उसका पिता व भाई बाहर आने जाने आदि पर पाबंदी लगाते हैं।
23 फरवरी की सुबह मोरना गांव निवासी रामप्रसाद का शव घर के आंगन में पड़ा मिला था। परिजनों ने बदमाशों पर हत्या करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने जांच कर मृतक की दो बेटियों कोमल व उनकी नाबालिग बहन को पकड़ कर हत्या में प्रयुक्त दो चाकू व नींद की गोलियां व रेपर बरामद किए थे। दोनों बहनों ने घटना से पहले रात में खीर में नींद की गोलियां खिलाई थी। इसके बाद रात में घटना को अंजाम दिया था।