मोगा में ट्रेड यूनियन के समर्थन में पनबस और पीआरटीसी के कच्चे कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर बसों का चक्का जाम किया और गेट रैली निकालकर सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया।

ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर भारत बंद का असर पंजाब में भी है। आम आदमी पार्टी ने 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों की राष्ट्रव्यापी भारत बंद की कॉल को समर्थन दिया है। श्रम और कृषि सुधारों को लेकर इस बंद पर आप ने केंद्र सरकार पर मजदूर, श्रम और किसान विरोधी फैसले लेने का आरोप लगाया।
मोगा में ट्रेड यूनियन के समर्थन में पनबस और पीआरटीसी के कच्चे कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर बसों का चक्का जाम किया और गेट रैली निकालकर सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने बताया कि वे पहले से ही अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं और पंजाब के मुख्यमंत्री के आवास का घेराव करने की योजना थी। इसी दौरान ट्रेड यूनियनों द्वारा भारत बंद का ऐलान किया गया, जिसके समर्थन में उन्होंने भी आंदोलन तेज कर दिया।
कर्मचारियों के अनुसार पूरे पंजाब के 27 डिपो के लगभग 7000 कच्चे पनबस-पीआरटीसी कर्मचारी इस प्रदर्शन में शामिल हुए, जबकि मोगा में करीब 150 कच्चे मुलाजिमों ने भाग लिया और लगभग 60 बसें बंद रहीं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। उन्होंने सरकार से बिना शर्त गिरफ्तार किए गए कर्मचारियों को तुरंत रिहा करने तथा उनकी जायज मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार मीटिंग के लिए बुलाती है, लेकिन बाद में कोई ठोस कार्रवाई नहीं करती।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।