
अवैध भ्रूण लिंग जांच व गर्भपात के आरोप में अनंतराम बीते 28 साल में वीरवार को 8वींं बार पकड़ा गया। आरोपी 1999 में पहली बार भ्रूण लिंग जांच करते पकड़ा गया था। प्रैक्टिस का रजिस्ट्रेशन रद्द किया तो उसने कोख में ही बेटियों के कत्ल को पेशा बना लिया। कानून की खामियों और कमजोर सबूतों को ढाल बनाकर वह हर बार जमानत पर रिहा होता रहा है।
कार्यकारी सीएमओ डॉक्टर अनामिका बिश्नोई ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिली थी कि कुछ लोग अवैध तरीके से भ्रूण लिंग जांच कर रहे हैं। इसके बाद आरोपियों को पकड़ने का जाल बुना। डिकोय (महिला मरीज) के श्रीबालाजी क्लिनिक पहुंचने के बाद शाम करीब 6 बजे स्वास्थ्य विभाग की टीम और पुलिस वहां पहुंची।
जेल से बाहर आकर फिर करने लगता भ्रूण लिंग जांच
डॉ. अनामिका बिश्नोई ने बताया कि आरोपी अनंतराम पर भ्रूण लिंग जांच के 7 केस पहले से ही दर्ज हैं। सूरजमल और प्रिया पर भी दो-दो केस दर्ज हैं। ये लोग जेल से बाहर आने के बाद फिर से यही काम करने लगते हंै। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस टीम ने आरोपियों से क्लिनिक में 5 घंटे तक जांच और पूछताछ की। इसके बाद उन्हें थाने ले जाया गया। इससे पहले जैसे ही टीम क्लिनिक पर पहुंची, वहां लोगों की भीड़ लग गई।
सभी लोग यह जानने को उत्सुक थे कि पुलिस यहां क्यों पहुंची है। पुलिस आरोपियों को पकड़कर जब थाने ले गई तब जाकर भीड़ छंटी। अनंतराम का बरवाला में खुद का जनता अस्पताल है, लेकिन रजिस्ट्रेशन रद्द होने के बाद उसे फिलहाल किराये पर दे रखा है और अलग-अलग शहरों में जाकर छोटी-छोटी गलियों में चलने वाले क्लिनिक में अवैध भ्रूण लिंग जांच और गर्भपात करता है। इसके दो बेटे हैं। एक बेटे का निधन हो चुका है। दूसरा ऑस्ट्रेलिया में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है।



