अलीगढ़ में एटा चुंगी फ्लाईओवर निर्माण के चलते लगे भीषण जाम के बीच इंसानियत और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल देखने को मिली। जाम में फंसी एंबुलेंस में ही एक गर्भवती महिला ने बेटे को जन्म दिया। एंबुलेंस में तैनात ईएमटी साधना ने सूझबूझ, साहस और प्रशिक्षण का परिचय देते हुए वाहन के भीतर ही सुरक्षित प्रसव कराया। किलकारी गूंजते ही परिजनों समेत एंबुलेंस कर्मियों ने राहत की सांस ली।


घटना 29 जनवरी की सुबह करीब 10 बजे की है। धनीपुर ब्लॉक के गांव कमालपुर निवासी रामेश्वर की 23 वर्षीय पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने 102 एंबुलेंस सेवा को कॉल किया। जिला महिला अस्पताल से एंबुलेंस तत्काल मौके पर पहुंची और गर्भवती को लेकर अस्पताल के लिए रवाना हुई।
इसी दौरान कमालपुर बाईपास पर नगला मान सिंह के समीप एटा चुंगी फ्लाईओवर निर्माण कार्य के कारण भीषण जाम लग गया। एंबुलेंस करीब 25 मिनट तक जाम में फंसी रही। इस दौरान गर्भवती महिला की हालत बिगड़ने लगी और उसे तीव्र प्रसव पीड़ा शुरू हो गई।
महिला की नाजुक स्थिति और अस्पताल पहुंचने में हो रही देरी को देखते हुए एंबुलेंस में तैनात ईएमटी साधना ने तत्काल निर्णय लेते हुए एंबुलेंस को सड़क किनारे सुरक्षित खड़ा कराने के लिए पायलट संजय से कहा। इसके बाद उन्होंने एंबुलेंस के भीतर ही प्रसव कराने का फैसला किया।
ईएमटी साधना ने अपनी ट्रेनिंग और अनुभव का इस्तेमाल करते हुए पूरी सावधानी के साथ सुरक्षित प्रसव कराया। कुछ ही देर में एंबुलेंस में किलकारी गूंज उठी। महिला ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। इसके बाद जच्चा-बच्चा दोनों को जिला महिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को पूरी तरह स्वस्थ बताया है।
108 और 102 एंबुलेंस सेवा के प्रोग्राम मैनेजर मोहम्मद अरशद ने ईएमटी साधना और पायलट संजय की सराहना की। उन्होंने कहा कि दोनों कर्मियों ने अपनी ड्यूटी से बढ़कर काम करते हुए एक अनमोल जीवन को सुरक्षित किया है। विभाग की ओर से दोनों को जनपद स्तर पर सम्मानित किए जाने की भी तैयारी की जा रही है।
यह घटना एक बार फिर आपात सेवाओं में तैनात कर्मियों की तत्परता और समर्पण को दर्शाती है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी मानवीय जिम्मेदारी निभाते हुए जच्चा-बच्चा दोनों की जान बचाई।

