शाहदोल में आयोजित बाणगंगा मेले में कुछ अश्लील प्रस्तुतियों के चलते मेले की पारंपरिक और सांस्कृतिक गरिमा धूमिल हो गई। मेले में भाग लेने वाले स्थानीय लोग और सनातन संगठनों के सदस्यों ने इस मामले को लेकर आक्रोश जताया है। उनका कहना है कि मेले जैसी धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अश्लील प्रस्तुतियां प्रदर्शित करना अनुचित है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है।


स्थानीय सनातन संगठनों ने आयोजकों से मांग की है कि भविष्य में मेले में धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों का पूरा ध्यान रखा जाए। उनका यह भी कहना है कि यदि आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, तो वे प्रदर्शन और जन आंदोलन करने को मजबूर होंगे। मेले में शामिल कई परिवार और श्रद्धालु भी असंतुष्ट दिखे और उन्होंने कहा कि बच्चों के सामने अश्लील प्रस्तुतियों से उनका मनोबल प्रभावित होता है।
स्थानीय प्रशासन और मेले के आयोजकों ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि आने वाले आयोजनों में किसी भी प्रकार की अश्लीलता की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही, सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए अतिरिक्त निगरानी की जाएगी, ताकि धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की गरिमा सुरक्षित रहे। इस घटना ने समाज में पारंपरिक मूल्यों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के संरक्षण पर बहस भी शुरू कर दी है।