जबलपुर-बरेला मार्ग पर रविवार दोपहर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में इलाज के दौरान तीन और महिला श्रमिकों की मौत हो गई, जिसके बाद मृतकों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। हादसा उस वक्त हुआ जब सिग्मा सिटी के सामने सड़क किनारे लगी लोहे की ग्रील में रंगाई का काम कर रहीं महिला मजदूर भोजन करने बैठी थीं। तभी बरेला से जबलपुर की ओर जा रही तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर श्रमिकों के समूह में जा घुसी और उन्हें रौंदते हुए निकल गई। घटना के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। इस दुर्घटना में कुल 14 महिलाएं घायल हुई थीं, जिनमें से दो की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।

बरेला थाना प्रभारी अनिल पटेल के अनुसार सभी घायलों को तुरंत मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया था। इलाज के दौरान पहले चौनवती (35) और लच्छो बाई (38) निवासी ग्राम बम्होरी, जिला मंडला की मौत हो गई थी। इसके बाद दरमियानी रात वर्षा बाई (39), कृष्णा बाई (41) और गोमती बाई (40) ने भी दम तोड़ दिया। अस्पताल में भर्ती अन्य महिलाओं का उपचार जारी है। घटना के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कार की रफ्तार बहुत तेज थी और चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया था।
हादसे की जानकारी मिलते ही लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह अस्पताल पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उपचार की जानकारी ली। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने मृतक परिवारों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है, जिसमें से एक-एक लाख रुपये तत्काल प्रदान किए जाएंगे। पुलिस फरार कार चालक की तलाश में जुटी है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर सड़क किनारे काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।