पूरे पंजाब में आज 20 दिन की छुट्टी के बाद स्कूल खुले थे। मोगा के दो निजी स्कूलों को बम की धमकी के बाद बच्चों को घर भेज दिया गया। वहीं अमृतसर में भी स्कूल खाली करवा दिए गए हैं।

पंजाब में बुधवार को अमृतसर के सरकारी स्कूलों और मोगा के दो निजी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया। दोनों मामलों में पुलिस ने स्कूल परिसर खाली करवाकर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।
मोगा में दो निजी स्कूलों को बुधवार को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया। डीएन मॉडल स्कूल, कोट ईसेखां और कैम्ब्रिज स्कूल को सुबह 8:36 बजे एक ई-मेल के माध्यम से बम धमकी मिली।
मोगा में 20 दिन बाद आज ही स्कूल खुले थे और बड़ी संख्या में बच्चे स्कूल पहुंचे थे। अचानक मिली धमकी के बाद बच्चों के अभिभावकों को तुरंत सूचित किया गया और सभी बच्चों को सुरक्षित रूप से घर भेज दिया गया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की तलाशी जारी है।
अमृतसर में कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी
छुट्टियों के बाद स्कूल खुलने के पहले दिन ही खालिस्तान संगठनों की ओर से ईमेल भेजकर जिले में कई सरकारी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। यह धमकी अमृतसर के मेहरबानपुरा गांव स्थित एक सरकारी स्कूल की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर भेजी गई थी। ई-मेल में स्कूल को निशाना बनाने की चेतावनी दी गई थी, साथ ही विद्यालय परिसर में राष्ट्रगान के गान को रोकने की मांग करते हुए गुरु गोबिंद सिंह का जंगी ऐलान पढ़ने को कहा गया है।
धमकी मिलने के तुरंत बाद स्कूल प्रशासन ने पुलिस और जिला प्रशासन को सूचित किया। सुरक्षा कारणों के चलते संबंधित स्कूल परिसर को एहतियातन खाली करवा दिया गया और विद्यार्थियों को सुरक्षित रूप से उनके घर भेजा गया। छुट्टियों के बाद स्कूल खुलने का पहला दिन होने के कारण विद्यार्थियों की उपस्थिति अपेक्षाकृत कम रही।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्कूल परिसर की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया गया। बम निरोधक दस्ता और साइबर सेल को भी जांच में शामिल किया गया। पुलिस ने स्कूल भवन, कक्षाओं और आसपास के क्षेत्र की बारीकी से जांच की, हालांकि किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कुछ दिन पहले भी जिले के कई स्कूलों को इसी तरह की धमकियां मिली थीं। उन मामलों की जांच पहले से ही चल रही है और मौजूदा धमकी को भी उसी कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस दोनों मामलों के तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों का मिलान कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि धमकियां एक ही स्रोत से भेजी गई हैं या नहीं।
फिलहाल जिले के सभी स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन ने अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दी जाए। मामले की जांच जारी है।