घरेलू म्यूचुअल फंड उद्योग में वैल्यू फंड्स निवेशकों के लिए शानदार रिटर्न का जरिया बन रहे हैं। शीर्ष फंड हाउसों ने 3 साल में 21% से अधिक मुनाफा दिया है। टिकाऊ बिजनस मॉडल और कम दाम पर उपलब्ध मजबूत कंपनियों पर दांव लगाने की रणनीति ने इन्हें कीमतों के जाल से बचाए रखा है।

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घरेलू म्यूचुअल फंड उद्योग में इस समय वैल्यू फंड निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दे रहे हैं। शीर्ष फंड हाउसों में पिछले तीन वर्षों में 21 फीसदी से ज्यादा फायदा मिला है। इन फंडों का फोकस ऐसी मजबूत कंपनियों को पहचानने पर रहता है जिनका बिजनस मॉडल टिकाऊ है। जिनके मूलभूत संकेतक बेहतर हो रहे हैं और जिनकी प्रबंधन टीम भरोसेमंद है, लेकिन जिनके शेयर अस्थायी रूप से कम कीमत पर उपलब्ध हैं।
विश्लेषकों के मुताबिक, ऐसी रणनीति ने अब तक फंड को कीमतों के जाल से बचाए रखा है। उदाहरण के तौर पर आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल का वैल्यू फंड सबसे लोकप्रिय फंडों में से एक बन चुका है। यह एक असली वैल्यू फंड है और उन सबसे बड़े वैल्यू फंडों में गिना जाता है, जो कंपनियों के शेयर पहचानने में लगातार सफल रहा है और जिनकी कीमत उनकी असली वैल्यू से कम पर ट्रेड हो रही होती है। अगस्त, 2004 में शुरू इस फंड में उस समय 10 लाख का निवेश अब 4.85 करोड़ रुपये (20.1 फीसदी चक्रवृद्धि) बन गया है। निफ्टी-50 टीआरआई में यही रकम केवल 2.1 करोड़ रुपये हुई है।
| म्यूचुअल फंड स्कीम | 3 साल रिटर्न (%) |
|---|---|
| ICICI Prudential | 21.23% |
| SBI Contra | 19.69% |
| Kotak | 20.48% |
| UTI | 18.02% |
| Bandhan | 17.67% |
इस समय निवेश का बेहतर अवसर
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के मुख्य निवेश अधिकारी एस नरेन ने कहा , जब मूल्यांकन ऊंचे हों और दुनियाभर के इंडेक्स ऐतिहासिक उच्च स्तरों के आस-पास हों, तब निवेशक दो तरीके अपना सकते हैं। पहला, एसेट अलोकेशन और दूसरा, वैल्यू इन्वेस्टिंग। तेजी वाले बाजार में भी कुछ सेक्टर या शेयर ऐसे होते हैं जो कमजोर प्रदर्शन के दौर से गुजरते हैं। यही समय निवेश के बेहतर मौके देता है। कुछ कंपनियां या सेक्टर ऐसे भी रहते हैं जिन्हें कम तवज्जो मिलती है। वहां धैर्य रखने वाले निवेशकों को अच्छा एंट्री पॉइंट मिल सकता है।
सभी श्रेणियों में होता है निवेश
वैल्यू फंड बाजार की अलग-अलग श्रेणियों (लार्ज, मिड और स्मॉलकैप) में निवेश करते हैं। इस समय इन फंडों का सॉफ्टवेयर, फार्मा-हेल्थकेयर और बैंकिंग सेक्टर में अधिक आैर सीमेंट, इंटरनेट, रिटेल और मेटल्स में कम निवेश है। आईप्रू वैल्यू फंड में 2004 से मासिक 10,000 रुपये के एसआईपी में 25.5 लाख का निवेश 31 अक्तूबर, 2025 तक 2.4 रुपये करोड़ हो गया। निफ्टी-50 टीआरआई में यह रकम 1.2 करोड़ रुपये हुई है।