मेरठ में एक महिला ने कांग्रेस की जानी-मानी नेत्री पूनम पंडित और उनके मंगेतर समाजवादी पार्टी के नेता दीपक गिरी पर धोखाधड़ी, जालसाजी और आईटी एक्ट के तहत गंभीर मुकदमा दर्ज कराया है। शिकायत के बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और दोनों नेताओं को जल्द पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।
पल्लवपुरम निवासी महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि उनके पति एक विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं और वह खुद निजी कंपनी में काम करती हैं। महिला का आरोप है कि पूनम पंडित और दीपक गिरी ने एक फर्जी स्टांप पेपर तैयार कर उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित किया, जिससे उनकी और उनके परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। महिला का यह भी कहना है कि उन्होंने किसी शपथ पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए, जबकि वायरल किए गए दस्तावेज़ में उनके हस्ताक्षर दिखाए गए हैं।
पहले से भी विवादों में रहे हैं दोनों नेता
भावनपुर थाने में पूनम पंडित और दीपक गिरी के खिलाफ इससे पहले भी दुष्कर्म, मारपीट और जान से मारने की धमकी जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। शिकायतकर्ता दंपति का आरोप है कि दोनों ने स्टांप पेपर के दुरुपयोग के साथ-साथ उनकी व्यक्तिगत जानकारी का भी गलत इस्तेमाल किया।
सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी ने बताया कि FIR दर्ज हो चुकी है और फर्जी दस्तावेज़ के मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आरोपियों से जल्द पूछताछ की जाएगी।
शिकायतकर्ता पहले भी लगा चुकी हैं आरोप
शिकायत करने वाली महिला ने दीपक गिरी की सगाई के बाद भी उन पर दुष्कर्म और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कराया था। उस केस में दीपक के पिता और भाइयों के नाम भी शामिल थे। अब एक बार फिर नए आरोप सामने आने से मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर गरमा गया है।