Jalandhar: नशे को लेकर खूनी विवाद, जीजा ने साले को मारी गोली, सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही पुलिस

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Shikha Bhardwaj

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मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में पुलिस ने एक ऐसे साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो जनधन और मजदूर वर्ग के लोगों के बैंक खातों को अपनी कमाई का जरिया बना चुका था। गिरोह इन खातों का उपयोग कर बड़े पैमाने पर रकम का लेन-देन कर रहा था। पुलिस जांच में पता चला कि जिन सात खातों से रकम घुमाई गई, उनमें से एक ऐसे व्यक्ति का खाता भी सक्रिय था जिसकी मृत्यु हो चुकी थीJalandhar:नशे को लेकर खूनी विवाद, जीजा ने साले को मारी गोली, सीसीटीवी कैमरे  खंगाल रही पुलिस - Brother-in-law Shot Brother-in-law In Dispute Over Drugs  In Jalandhar - Amar Ujala Hindi News Live

पूरे प्रकरण की शुरुआत खेड़ी गांव के विश्राम इवने की शिकायत से हुई, जिन्होंने बताया कि उनके जनधन खाते से करीब दो करोड़ रुपये की संदिग्ध लेन-देन हुई है। पुलिस ने जब मामले की गहराई से जांच की तो खुलासा हुआ कि गांव के छह और खातों से भी इसी तरह करोड़ों की ट्रांजेक्शन की गई थी।

एसपी वीरेंद्र जैन ने बताया कि इस धोखाधड़ी का मास्टरमाइंड इंदौर का अंकित राजपूत है, जो बैतूल के दो बैंक कर्मियों—राजा और आयुष चौहान—के साथ मिलकर यह नेटवर्क चला रहा था। इनके साथ इंदौर निवासी नरेंद्र राजपूत का नाम भी सामने आया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके कब्जे से 15 मोबाइल फोन, 26 सिम कार्ड, 11 पासबुक और कई दस्तावेज बरामद किए हैं।

गिरोह की कार्यप्रणाली बेहद चौंकाने वाली थी। ये लोग पहले गरीब, अनजान और जरूरतमंद लोगों के बैंक खाते हासिल करते थे। फिर साइबर ठगी या अवैध स्रोतों से आया पैसा इन्हीं खातों में डालकर तुरंत निकाल लेते थे। इसी दौरान मृत व्यक्ति राजेश बर्डे के खाते को भी अवैध रूप से सक्रिय रखकर लाखों की ट्रांजेक्शन की गई।

मुंबई, बैंगलुरु और अन्य शहरों के पीड़ितों द्वारा की गई शिकायतों के बाद इन संदिग्ध खातों को ब्लॉक किया गया और पूरा रैकेट सामने आया। पुलिस ने अब तक लगभग 10 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का प्रमाण जुटाया है, जबकि आशंका है कि घोटाले की रकम 30–40 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।

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Author: Shikha Bhardwaj

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