AI Plane Crash: एअर इंडिया विमान हादसे की जांच में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हो रही है, यह जांच नियमों के मुताबिक साफ और निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। विमानन मंत्री के राममोहन नायडू ने यह बात एएआईबी की जांच पर उठ रहे सवालों के बीच कही। उन्होंने सभी से कहा कि असली वजह जानने के लिए अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार करें।
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विमानन मंत्री ने कहा, जांच में कोई हेराफेरी या कोई गड़बड़ी नहीं हो रही है। यह एक बहुत ही साफ-सुधरी और गहन प्रक्रिया है, जिसे हम नियमों के मुताबिक कर रहे हैं। नायडू राष्ट्रीय राजधानी में एक पुस्तक विमोचन समारोह में बोल रहे थे। कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, अंतिम रिपोर्ट आने में अभी कुछ समय लगेगा। एएआईबी इस पर बहुत ही पारदर्शी और स्वतंत्र तरीके से जांच कर रहा है। हम उन पर कोई दबाव नहीं डालना चाहते कि वह जल्दबाजी में कोई रिपोर्ट तैयार करें। इसलिए इस रिपोर्ट को पूरा करने में जितना जरूरी समय लगेगा, वह उतना समय लेंगे।
अहमदाबाद में हुआ था विमान हादसा
12 जून को अहमदाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन के गैटविक के लिए उड़ान भरने वाला एअर इंडिया का बोइंग 787-8 विमान (AI-171) टेकऑफ के कुछ सेकंड बाद ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में 260 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 241 यात्री शामिल थे। इसे भारत के सबसे बड़े विमान हादसों में एक माना गया।
एएआईबी की शुरुआती रिपोर्ट और विवाद
एएआईबी की प्रारंभिक रिपोर्ट12 जुलाई को जारी हुई थी। उसमें बताया गया था कि टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद विमान के दोनों इंजनों को जाने वाली ईंधन आपूर्ति लगभग एक साथ बंद हो गई। कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में एक पायलट को यह कहते सुना गया कि ‘तुमने कटऑफ क्यों किया?’, जिस पर दूसरे पायलट ने जवाब दिया कि उसने ऐसा कुछ नहीं किया। 22 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने इस रिपोर्ट के कुछ हिस्सों को सार्वजनिक करने पर नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने कहा था कि इस तरह की ‘चयनात्मक रिपोर्टिंग दुर्भाग्यपूर्ण और गैर-जिम्मेदाराना’ है, क्योंकि इससे मीडिया में गलत नैरेटिव बन सकता है।