West Bengal: उत्तर बंगाल में दो दिन की तबाही के बाद जनजीवन; सड़कें खुलीं, पुलों का मरम्मत कार्य जारी|

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West Bengal: उत्तर बंगाल में मूसलाधार बारिश और भूस्खलन से अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग लापता हैं। बचाव कार्य जारी हैं, टूटी सड़कों और पुलों की मरम्मत हो रही है, जबकि कुछ मार्ग अभी भी जोखिमभरे हैं। मौसम साफ होने पर दार्जिलिंग के लोगों को आज बर्फ से ढकी कंचनजंघा का नजारा देखने को मिला।

After 2 days of devastation in north Bengal, roads reopen, but wounds run deep

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उत्तर बंगाल की पहाड़ियों और तलहटी में दो दिनों तक मूसलाधार बारिश और बड़े पैमाने पर भूस्खलन के बाद अब तक तीस लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, कई लोग गायब बताए जा रहे हैं। क्षेत्र में जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है।

आज सुबह जब आसमान साफ हुआ तो दार्जिलिंग के निवासियों को बर्फ से ढकी कंचनजंगा की एक झलक देखने को मिली। यह नजारा दो दिनों की कष्ट देने वाली मूसलाधार बारिश के बाद राहत देने वाला था। बारिश रुकने के साथ ही बचाव दल चौबीस घंटे काम कर रहे हैं। लापता लोगों के लिए खोज अभियान जारी है। जबकि अन्य टूटी सड़कों और पुलों की मरम्मत का काम जारी है।

उत्तर बंगाल के विकास मंत्री उदयन गुहा ने बताया कि सोमवार शाम तक मृतकों की संख्या 30 हो गई थी और इस आंकड़े के बढ़ने की आशंका है। उन्होंने बताया कि चार लोग अब भी लापता हैं और भूस्खलन प्रभावित दूर-दराज के इलाकों में तलाशी अभियान जारी है। पहाड़ियों में फंसे हजारों पर्यटकों को घर लौटने के लिए सुरक्षित मार्ग प्रदान किए।

दार्जिलिंग को सिलीगुड़ी से जोड़ने वाली हिल कार्ट और पंखाबारी रोड आपात मरम्मत कार्यों के बाद बहाल कर दी गईं। इससे पर्यटकों को आखिरकार मैदानी इलाकों की ओर जाने की अनुमति मिल गई। ये दोनों रोड यहां की जीवनरेखा मानी जाती हैं। लेकिन अन्य मार्ग जोखिम वाले बने हुए हैं।

दार्जिलिंग के पुलिस अधीक्षक प्रवीण प्रकाश ने दिन में दुधिया के पास टूटे हुए पुल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा, स्थिति में सुधार हो रहा है। फिर भी कुछ हिस्सों में यात्रा करना अभी भी जोखिम भरा है। उन्होंने कहा, पुल के ढहने से मिरिक मार्ग से संपर्क टूट गया है। हम हिल कार्ट और पंखाबारी रोड के जरिए आवाजाही की सुविधा दे रहे हैं।

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Author: ILMA NEWSINDIA

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