सिलिकॉन वैली में 17 वर्षीय जैकब शॉल ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए एआई और तकनीकी शिक्षा का अनोखा कोर्स शुरू किया। जानिए कैसे मोड टू कोड डिजिटल अंतर को पाट रहा है और वरिष्ठ नागरिकों को तकनीक सीखने में मदद कर रहा है।

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मार्च 2025 में शॉल ने कार्यक्रम को वरिष्ठ नागरिकों तक बढ़ाया। उनकी माँ ने उन्हें प्रेरित किया कि वे रोडा गोल्डमैन प्लाजा, सैन फ्रांसिस्को के एक असिस्टेड लिविंग सेंटर में भी यह कोर्स चलाएँ। अब तक सात सुविधाओं ने इस कार्यक्रम में भाग लिया है, जिसमें शॉल और उनके स्वयंसेवक सप्ताह में एक बार चार हफ्तों तक कक्षाएं देते हैं और जरूरत पड़ने पर व्यक्तिगत सहायता भी प्रदान करते हैं।
शॉल के अनुसार, वरिष्ठ नागरिक तकनीक सीखने के लिए बहुत उत्साहित हैं। कक्षाओं में स्मार्टफोन, ईमेल, एआई एप्लिकेशन और ऑनलाइन सुरक्षा के बारे में जानकारी दी जाती है। विशेष रूप से ऑनलाइन और फोन स्कैम से बचाव पर जोर दिया जाता है, क्योंकि अमेरिका में 60 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिक 2024 में स्कैम में 4.9 बिलियन डॉलर खो चुके हैं। शॉल और उनके सह-नेता आयडिन खलीली का लक्ष्य “पीढ़ियों के बीच डिजिटल अंतर को कम करना” है। उनका मानना है कि तकनीकी और एआई ज्ञान न होने की वजह से वरिष्ठ नागरिक पीछे रह सकते हैं।
सिलिकॉन वैली के वरिष्ठ नागरिक पहले से कई तकनीकी टूल्स का इस्तेमाल कर रहे थे, लेकिन शॉल के कोर्स ने उनमें आत्मविश्वास बढ़ाया है। उदाहरण के लिए, एड कपलन ने चैटजीपीटी का इस्तेमाल अपने मित्र के लिए ओबिटुअरी (Obituary) तैयार करने में किया और स्कैम से बचने के टिप्स सीखे। एजटेक यानी वरिष्ठ नागरिकों के लिए तकनीकी समाधानों के क्षेत्र में तेजी से निवेश बढ़ रहा है। कंपनियां जैसे सीवीएस हेल्थ, हुंडई और बेस्ट बाय 50 वर्ष और उससे अधिक उम्र के उपभोक्ताओं के लिए तकनीक विकसित कर रही हैं।
शॉल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मोड टू कोड भविष्य में भी जारी रहे। उनका मानना है कि व्यक्तिगत, आमने-सामने की शिक्षा तकनीक सीखने में सबसे प्रभावी है। जैसा कि पाउलेट अरोएस्टी (87) ने बताया, वे फेसटाइम और अलेक्सा का इस्तेमाल करना पसंद करती हैं, लेकिन पुराने समय में व्यक्तिगत बातचीत का अनुभव याद करती हैं। मोड टू कोड उनके लिए तकनीकी ज्ञान और व्यक्तिगत जुड़ाव का यही संतुलन पेश करता है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह कार्यक्रम केवल तकनीकी शिक्षा नहीं बल्कि आत्मविश्वास, सुरक्षा और आधुनिक जीवनशैली में सक्रिय भागीदारी का भी माध्यम बन गया है।