गणपति प्रतिमा विसर्जन विवाद में लालबागचा राजा मंडल पर कार्रवाई की मांग
गणेशोत्सव समाप्त होने के बाद विसर्जन अव्यवस्था और भक्तों के साथ दुर्व्यवहार का कथित मामला सामने आया है। इस संबंध में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से लालबागचा राजा मंडल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायत अखिल महाराष्ट्र मच्छीमार कृति समिति ने की है। मंडल के पदाधिकारियों पर विसर्जन अव्यवस्था और भक्तों के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए समिति ने कहा है कि इनके खिलाफ आपराधिक मामले की तरह कार्रवाई होनी चाहिए। समिति के अध्यक्ष देवेंद्र टंडेल के मुताबिक विसर्जन में देरी हुई और चंद्र ग्रहण के गणपति की प्रतिमा का विसर्जन कराए जाने से श्रद्धालुओं की आस्था आहत हुई। भक्तों के मानसिक-शारीरिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए टंडेल ने कहा कि कोली समुदाय को परंपरागत विसर्जन अधिकार दिए जाएं। लालबागचा राजा मंडल में VIP संस्कृति खत्म करने की मांग करते हुए उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में स्वयंसेवकों के कथित दुर्व्यवहार के उदाहरण भी पेश किए।
विसर्जन शोभायात्रा के दौरान प्रतिबंधों की अनदेखी, 40 मंडलों के खिलाफ मामले दर्ज
गणेशोत्सव से ही जुड़े प्रदेश के एक अन्य मामले में पिंपरी चिंचवाड पुलिस ने गणेश विसर्जन शोभायात्रा के दौरान प्रतिबंधों से जुड़े आदेशों का उल्लंघन कर लेज़र बीम लाइट्स का उपयोग करने वाले 40 गणेश मंडलों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने बताया कि 17 मामले वाकड थाने, 8 पिंपरी, 5-5 निगड़ी और सांगवी, 3 दापोडी और 2 तालेगांव दाभाडे क्षेत्र में दर्ज हुए। इसके अलावा, ध्वनि प्रदूषण की सीमा का उल्लंघन करने के मामले में 5 मंडलों के खिलाफ अलग से मामले दर्ज किए गए हैं।
ठाणे में औद्योगिक न्यायालय की न्यायाधीश के सरकारी आवास की छत का हिस्सा गिरने के मामले में सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के अभियंताओं पर आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। घटना रविवार शाम को हुई, हालांकि सौभाग्य से कोई घायल नहीं हुआ। न्यायाधीश और अन्य अधिकारियों ने बार-बार मरम्मत की मांग की थी, लेकिन विभाग की लापरवाही से समय पर कार्य नहीं हुआ। शिकायतकर्ता, जो न्यायाधीश के पति हैं, ने कहा कि यह लापरवाही परिवार के जीवन के लिए खतरा बनी। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 125 के तहत मामला दर्ज किया है, लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई।



