पंजाब के बठिंडा में साइबर ठगों ने ठगी का हैरान करने वाला नया तरीका अपनाते हुए एक वरिष्ठ वकील को 14 दिन तक हाउस अरेस्ट कर रखा और उससे करीब 90 लाख रुपये ऐंठ लिए। मामला सामने तब आया जब पीड़ित ने अपनी बेटी से उधार मांगा।

कैसे हुई ठगी
एडवोकेट हरिंदर सिंह, निवासी 100 फीट रोड, दशमेश पब्लिक स्कूल के पास, ने बताया कि 19 अगस्त 2025 की सुबह उनके पास व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई अधिकारी एएसआई विजय खन्ना बताया और कहा कि उनके आधार और मोबाइल नंबर का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग केस में हुआ है। इसके बाद एक वीडियो कॉल आया, जिसमें एक शख्स पुलिस की वर्दी में था। उसने खुद को वरिष्ठ अधिकारी बताकर आधार कार्ड की कॉपी मंगवाई और उन्हें “सीबीआई की जांच पूरी होने तक हाउस अरेस्ट” रहने का फरमान सुना दिया।
पैसे ऐंठने का तरीका
ठग लगातार 19 अगस्त से 1 सितंबर तक व्हाट्सएप और वीडियो कॉल के जरिए धमकाते रहे। इस दौरान उन्होंने पीड़ित से बैंक बैलेंस और प्रॉपर्टी डिटेल्स निकालीं और “सिक्योरिटी डिपॉजिट” के नाम पर अलग-अलग खातों में पैसे डलवाए।
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25 अगस्त को ICICI बैंक खाते में 28 लाख रुपये
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27 अगस्त को सिंध बैंक खाते में 41 लाख रुपये
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28 अगस्त को 5.5 लाख रुपये अन्य खाते में
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29 अगस्त को कुल 9.5 लाख रुपये ICICI बैंक में
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30 अगस्त को 5 लाख इंडियन ओवरसीज बैंक और 5 लाख ओजैस बैंक खाते में
इस तरह कुल 90 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए।
बेटी ने किया खुलासा
ठगों की मांग बढ़ती रही। आखिरकार जब हरिंदर सिंह ने अपनी बेटी अमनदीप कौर से पैसे मांगे, तो उसने आकर पिता के फोन की जांच की। चैट और कॉल देखकर उसने तुरंत धोखाधड़ी की पहचान की और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की कार्रवाई
थाना साइबर सेल प्रभारी इंस्पेक्टर सुखवीर कौर ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ साइबर क्राइम और अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ठगों ने पैसे किन खातों में डलवाए और उनके नेटवर्क की जड़ कहां है।