Umaria News: नकली सोना दिखाकर ठगी करने वाले अंतरजिला गिरोह का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार, मास्टरमाइंड फरार

Picture of NANDINI NEWSINDIA

NANDINI NEWSINDIA

SHARE:

पुलिस का मानना है कि यह गिरोह लंबे समय से कई जिलों में सक्रिय रहा है। आरोपियों से पूछताछ जारी है ताकि अन्य शिकार और सहयोगियों का पता लगाया जा सके।

नकली सोना देकर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, महाराष्ट्र के भंडारा से  पुलिस ने दबोचा

जिले की पाली पुलिस ने नकली सोना दिखाकर लाखों की ठगी करने वाले एक अंतरजिला गिरोह का खुलासा किया है। फरियादी संतराम सोनी, निवासी राजकिशोर नगर बिलासपुर छत्तीसगढ़ की शिकायत पर की गई त्वरित कार्रवाई में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि गिरोह का मास्टरमाइंड फरार है।

थाना प्रभारी राजेशचंद्र मिश्रा ने बताया कि आरोपियों ने फरियादी को पहले असली सोने की टिकिया दिखाकर भरोसे में लिया। उसके बाद तय सौदे के अनुसार जैसे ही संतराम सोनी 4.50 लाख रुपये लेकर आरोपियों द्वारा बताए स्थान हाईवे पर पहुंचा, बदमाशों ने उसे नकली सोने की पोटली थमाई और फरार हो गए। सौभाग्य से फरियादी को जल्द ही धोखे का अहसास हो गया और उसने बिना देर किए पुलिस को सूचना दी।

साइबर तकनीक से घेरा
सूचना मिलते ही पाली पुलिस हरकत में आई। साइबर तकनीक की मदद से आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की गई और कुछ ही घंटों में घेराबंदी कर उन्हें धर दबोचा गया। पुलिस ने इस कार्रवाई में न केवल 4.50 लाख रुपये नकद बरामद किए, बल्कि घटना में प्रयुक्त बोलेरो वाहन क्रमांक एमपी 19 टी 3295 को भी जब्त कर लिया।

गिरफ्तार और फरार आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बुद्धुलाल कोल, अबसलाल बहेलिया और एक अपचारी बालक के रूप में हुई है। वहीं, गिरोह का मुख्य आरोपी राजेश बहेलिया अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह लंबे समय से नकली सोना दिखाकर लोगों को ठगने का काम कर रहा था और कई जिलों में सक्रिय रहा है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह ने और किन-किन लोगों को शिकार बनाया है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ से मास्टरमाइंड और उसके अन्य सहयोगियों तक भी पहुंच बनाई जा सकेगी।

पुलिस टीम का योगदान
एसडीओपी पाली एससी बोहित के मार्गदर्शन में हुई इस कार्रवाई में थाना प्रभारी राजेशचंद्र मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई। टीम की तत्परता और तकनीकी मदद से ही कुछ ही घंटों में गिरोह को पकड़ा जा सका। पाली पुलिस की इस तेज और प्रभावी कार्रवाई से न केवल फरियादी को न्याय मिला है, बल्कि यह संदेश भी गया है कि ठगी और धोखाधड़ी करने वाले अपराधियों के लिए जिले में कोई जगह नहीं है।