अंबाजोगाई, बीड: महाराष्ट्र के बीड जिले में एक पूर्व पुलिस निरीक्षक ने फांसी लगाकर कथित रूप से आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान सुनील नागरगोजे (57) के रूप में हुई है, जिन्हें परभणी से बीड पुलिस के वायरलेस विभाग में स्थानांतरित किया गया था। बताया जा रहा है कि उनका एक वरिष्ठ अधिकारी से विवाद हुआ था, जिसके बाद उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया।

नागरगोजे अंबाजोगाई शहर में मकान निर्माण करवा रहे थे और फिलहाल किराए के मकान में अकेले रह रहे थे। सोमवार रात उन्हें उसी मकान में फांसी पर लटका पाया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उन्होंने यह कदम क्यों उठाया।
🔹 मेटा डिस्क्रिप्शन: बीड जिले में एक बर्खास्त पुलिस निरीक्षक ने आत्महत्या कर ली। विभागीय विवाद के बाद नौकरी से निकाले गए अधिकारी की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
🔹 सोशल मीडिया कैप्शन: बीड में विभागीय तनाव की कीमत एक जान से चुकाई गई। आत्महत्या की घटना ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है।
⚖️ मराठा आरक्षण आंदोलन: भाजपा ने जरांगे से आंदोलन रोकने की अपील की, गांधीजी का उदाहरण दिया
मुंबई: मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलनरत मनोज जरांगे का अनशन मंगलवार को पांचवें दिन में प्रवेश कर गया। इस बीच भाजपा ने उनसे आंदोलन रोकने की अपील की है। पार्टी ने महात्मा गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि कभी-कभी आंदोलन को कुछ समय के लिए रोकना पड़ता है।
महाराष्ट्र भाजपा के मुख्य प्रवक्ता केशव उपाध्ये ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “हर आंदोलन की सफलता के लिए कभी-कभी उसमें बदलाव करना जरूरी होता है। महात्मा गांधी ने भी कई बार अपने आंदोलन रोके थे।” उन्होंने चेताया कि जरांगे के आंदोलन का राजनीतिक दुरुपयोग हो सकता है।
जरांगे ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, वह मुंबई नहीं छोड़ेंगे।
🔹 मेटा डिस्क्रिप्शन: मराठा आरक्षण आंदोलन पर भाजपा ने आंदोलनकारी मनोज जरांगे से आंदोलन रोकने की अपील की है। पार्टी ने गांधीजी का उदाहरण देते हुए राजनीतिक दुरुपयोग की आशंका जताई।