बाढ़ ने मनाली से कुल्लू तक भारी तबाही मचाई। गुरुवार को मौसम खुलने और मोबाइल सेवा बहाल होने के बाद तबाही की भयावह तस्वीरें सामने आ रही हैं।

ब्यास और इसकी सहायक नदियों में बीते सोमवार को आई बाढ़ ने मनाली से कुल्लू तक भारी तबाही मचाई। गुरुवार को मौसम खुलने और मोबाइल सेवा बहाल होने के बाद तबाही की भयावह तस्वीरें सामने आ रही हैं। पर्यटन नगरी मनाली पूरी तरह से अलग-थलग पड़ गई है। वामतट मार्ग पर अलेउ में सड़क का लगभग 40 मीटर हिस्सा धंस गया है। वहीं नेशनल हाईवे मनाली से कुल्लू तक कई जगह ध्वस्त हो गया है। आलू ग्राउंड, वोल्वो बस स्टैंड, बिंदु ढांक, क्लाथ, 14 मील, रायसन में सड़क गायब हो गई है। बाढ़ से बाहंग में दो रेस्टोरेंट, चार दुकानें बह गईं। ओल्ड मनाली में 40 साल पुराना पुल ढह गया। यहां दो दर्जन से अधिक दुकानें बह गईं। जैसे-जैसे प्रशासन मौके का दौरा कर रहा है नुकसान के बारे में पता चल रहा है। बाढ़ में एक ट्रक, पिकअप, टेंपो ट्रेवलर और आल्टो कार बह गई।
160 से अधिक रूटों पर बंद रहीं बस सेवाएं
कुल्लू जिले में इस बरसात में बारिश आफत बन बरस रही है। भारी बारिश, बादल फटने और भूस्खलन से जिले के मनाली, बंजार, मणिकर्ण और लगघाटी की मुख्य सड़कों के साथ संपर्क सड़कें बंद चल रही हैं। इस वजह से बुधवार को भी हिमाचल पथ परिवहन निगम और निजी बसों के लगभग 160 से अधिक रूट प्रभावित रहे। कुल्लू से मनाली के बीच बस सेवा पूरी तरह ठप है। कुल्लू से मनाली के लिए हाईवे अवरूद्ध है। इसके अलावा कुल्लू-मनाली वाया नग्गर सड़क पर भी बस सेवा प्रभावित रही है। जिला के अन्य क्षेत्रों में भूस्खलन के कारण बसों के पहिये थमे हैं। सड़कें बंद होने और बसें न चलने से सवारियों को कई मील का सफर पैदल तय करना पड़ रहा है।

जिले के बंजार, मनाली, नग्गर, मणिकर्ण और लगघाटी में वीरवार को बस सेवा पूरी तरह से बंद रही। हालांकि, बिजली महादेव समेत कुछ ग्रामीण रूटों पर बस सेवा को जारी रखा गया। अन्य क्षेत्रों में सवारियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। इसके अलावा कुल्लू से मंडी के बीच भी बस सेवा प्रभावित है। ऐसे में इस रूट पर सवारियों को टैक्सियाें का सहारा लेकर सफर करना पड़ रहा है जो जेब पर भारी पड़ रहा है। उधर, पथ परिवहन निगम के डीडीएम डीके नारंग ने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए जहां तक सड़कें दुरुस्त हैं, वहां तक बसों को चलाने का पूरा प्रयास है।
