Andaaz 2: तीन नए चेहरे लॉन्च कर रहे सुनील दर्शन, बोले- ‘स्टार किड्स संघर्ष नहीं जानते, उनकी दुनिया बनावटी’

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Andaaz 2 Release Date: साल 2003 में आई फिल्म ‘अंदाज’ ने अक्षय कुमार के साथ दो नए चेहरों – प्रियंका चोपड़ा और लारा दत्ता को लॉन्च किया था। फिल्म को ऑडियंस ने पसंद किया और इसके गाने भी हिट रहे। अब करीब 22 साल बाद फिल्ममेकर सुनील दर्शन ‘अंदाज 2’ लेकर आए हैं।

Suneel Darshan to Aayush Kumar Akaisha Vats and Natasha Fernandez from Andaaz 2

सुनील दर्शन की फिल्म ‘अंदाज 2’ इस शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। अमर उजाला से खास बातचीत के दौरान सुनील ने अपने फिल्मी सफर, इंडस्ट्री में आए बदलाव और नए कलाकारों के साथ काम करने के अनुभव साझा किए।

‘अंदाज’ से लेकर ‘अंदाज 2’ तक, कैसी रही ये पूरी यात्रा?
‘अंदाज’ की शुरुआत एक इत्तेफाक की तरह हुई थी। अक्षय कुमार की कुछ डेट्स खाली थीं और हमें जल्दी से कोई प्रोजेक्ट शुरू करना था। वक्त कम था, लेकिन हमने जो बनाया, वो खास बन गया। लारा दत्ता और प्रियंका चोपड़ा दोनों ही नई एक्ट्रेस थीं। लोग मजाक बनाते थे पर मुझे इस फिल्म पर यकीन था। उस फिल्म की असली ताकत उसके संगीत में थी। पूरी फिल्म सिर्फ छह महीने में बनकर तैयार हो गई। जब फिल्म रिलीज हुई, तो लोगों में गजब का उत्साह था।

Suneel Darshan to Aayush Kumar Akaisha Vats and Natasha Fernandez from Andaaz 2
2003 में ‘अंदाज’ और अब 2025 में ‘अंदाज 2’ के बीच करीब 22 साल का फासला रहा। इस दौरान आपने इंडस्ट्री में क्या बदलाव महसूस किए?
बहुत कुछ बदल गया है। पहले डायरेक्टर और एक्टर के बीच सीधा और भरोसे वाला रिश्ता होता था। न कोई एजेंट होता था, न PR टीम या मैनेजर। बात करना आसान था और सब मिलकर फिल्म पर काम करते थे। आजकल कलाकारों के आसपास एक दीवार सी खड़ी हो गई है। पहले फिल्म का प्रमोशन दिल से होता था… पोस्टर लगते थे, गाने सुनाए जाते थे और लोगों की सच्ची प्रतिक्रिया मिलती थी। अब सोशल मीडिया ज्यादा मायने रखती है।

आपकी आखिरी फिल्म 2017 में आई थी। लंबे वक्त तक आपने कोई नई फिल्म क्यों नहीं बनाई? 
फिल्म बनाने की इच्छा तो हमेशा थी, लेकिन माहौल बहुत बदल चुका था। जब डिजिटल जमाना आया, तो सबसे पहले हमारे कंटेंट पर असर पड़ा। पाइरेसी शुरू हो गई और जब कॉर्पोरेट कंपनियां फिल्म इंडस्ट्री में आईं, तो फिल्मों को बस एक फॉर्मूला या बिजनेस प्रोडक्ट की तरह देखा जाने लगा। लेकिन मेरे लिए सिनेमा सिर्फ तकनीक नहीं, एक भावना है। राज कपूर और मनोज कुमार जैसी फिल्मों में जो आत्मा थी, वही उन्हें आज तक जिंदा रखे हुए है। मैं भी उसी सिनेमा को आगे ले जाना चाहता हूं – जो दिल से बनता है।

क्या आज के एक्टर्स में वो बात है जो पहले के कलाकारों में होती थी?
हर पीढ़ी की अपनी पहचान होती है, लेकिन सच्चाई यह है कि पहले जो संघर्ष था, वह आज कहीं खो गया है। करिश्मा कपूर, करीना कपूर…इनमें वो भूख थी, वो प्यास थी, कुछ कर दिखाने की। आज के स्टार किड्स एक बनावटी दुनिया में पलते हैं। उन्हें सब कुछ तैयार मिलता है, संघर्ष का स्वाद उन्होंने चखा ही नहीं।

Suneel Darshan to Aayush Kumar Akaisha Vats and Natasha Fernandez from Andaaz 2
‘अंदाज 2’ में आपने फिर से नए चेहरों को मौका दिया। यह जोखिम क्यों उठाया?
मुझे किसी का नाम या बड़ा चेहरा नहीं, उसकी मेहनत और टैलेंट ज्यादा जरूरी लगती है। जैसे पहले करिश्मा कपूर और प्रियंका चोपड़ा में मुझे एक खास चमक दिखी थी, वैसे ही इस बार आयुष कुमार, कायशा और नताशा फर्नांडिस में वो बात नजर आई।

आपका सपना क्या है?
ऐसी फिल्म बनाना जो दिल से बनाई जाए और लोगों के दिलों तक पहुंचे। ‘अंदाज 2’ में भी मैंने यही कोशिश की है। मैं चाहता हूं कि लोग फिर से उस समय को महसूस करें जब फिल्मों में सिर्फ ग्लैमर नहीं, भावनाएं भी होती थीं… जब गानों में सच्चाई होती थी और हर सीन में एक आत्मा होती थी। अगर मेरी यह फिल्म दर्शकों के दिल को छू सके, तो मुझे लगेगा कि मेरी मेहनत और ये सफर सफल हो गया।

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Author: PRIYA NEWSINDIA

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