तीन जुलाई से शुरू होने जा रही श्री अमरनाथ यात्रा से पहले मंगलवार को जम्मू-कश्मीर में वर्ष 2019 के पुलवामा हमले के बाद सबसे बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। सेना की वर्दी में आए दहशतगर्दों ने दक्षिण कश्मीर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम की बायसरन घाटी में पर्यटकों से पहले उनका धर्म पूछा, परिचय पत्र देखे फिर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं।

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा कर करीब 26 लोगों की हत्या कर दी। सैलानियों की चहल पहल से गुलजार रहने वाले पहलगाम की सड़कों पर आज सन्नाटा पसरा हुआ है। दुकानों पर ताले लटके हैं। इलाके में दहशत का माहौल है। बायसरन घाटी में वादियों की रौनक गायब है। घाटी में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वहीं, कश्मीर घाटी में बुधवार को 35 साल में पहली बार आतंकवादी हमले के खिलाफ बंद रखा गया तथा सभी क्षेत्रों के संगठनों ने पहलगाम पर्यटक स्थल में हुई हत्याओं के विरोध में बंद का समर्थन किया। उधर, सुरक्षा एजेंसियों ने पहलगाम आतंकी हमले के तीन संदिग्धों के स्केच जारी किए हैं।


हाथों में लाल चूड़ा पहने एक युवती की चीख और आंखों से बरसते आंसू हर किसी के दिल को दहलादेने वाले थे। पति का शव मैदान के बीचोंबीच पड़ा था। कभी वो उसके पास जाकर इस आस में उसे झंझोड़ रही थी कि मानो वह उठ बैठेगा.. और कभी वो वहां मौजूद कुछ पत्रकारों और लोगों तक मेरे पति को बचा लो…की मदद मांगती नजर आ रही थी।

दूसरी तरफ एक महिला पर्यटक घायल पति को किसी तरह से उठाकर किनारे ले गई। किसी तरह से एक कुर्सी पर बैठाया। उसके बहते खून को रोकने के लिए अपना स्टोल उसके गले पर बांधा। तब तक वह खुद भी खून से सन चुकी थी। सहमी सी वह महिला भी बस चिल्लाती रही कि मेरी हेल्प करो…मेरे पति को बचा लो।

हमले में जख्मी पुणे की आसावरी जगदाले (26) ने कहा, आतंकियों ने उनके पिता संतोष जगदाले (54) को तंबू से बाहर निकाला और कलमा पढ़ने को कहा। जब उनके पिता ऐसा नहीं कर पाए, तो उनके सिर और पीठ में तीन गोलियां दाग दीं। उनके चाचा को भी गोलियों से छलनी कर दिया।


घटनास्थल के कुछ वीडियो सामने आए हैं। इनमें चार लोग जमीन पर पड़े दिखाई दे रहे हैं, जिनमें एक बच्चा भी है, जबकि कुर्सी पर बैठा एक व्यक्ति खून से लथपथ है। वीडियो में दो महिलाएं लोगों से मदद की गुहार लगाती दिख रही हैं। एक स्थानीय व्यक्ति उन्हें दिलासा दे रहा है। हमले में बाल-बाल बची एक महिला ने बताया कि आतंकियों ने उसके पति से नाम पूछा और जब पता चला कि वह मुस्लिम नहीं है तो उसके सिर में गोली मार दी। आतंकियों ने कुछ लोगों के कपड़े उतरवाकर उनकी धार्मिक पहचान की। एक अन्य महिला ने बताया, गोलियां चलते ही लोग बचने के लिए भागने लगे, लेकिन कहीं छिपने की जगह ही नहीं थी
Author: planetnewsindia
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