
रानी मुखर्जी की चर्चित फ्रैंचाइजी ‘मर्दानी’ की तीसरी किस्त इस साल जनवरी में रिलीज हुई थी। एक बार फिर अभिनेत्री शिवानी शिवाजी रॉय के रूप में नजर आईं। हाल ही में उन्होंने इस एक्शन थ्रिलर फिल्म की शूटिंग के दौरान आए मुश्किल अनुभवों पर बात की। रानी ने बताया कि फिल्म के क्लाइमैक्स सीन के लिए शारीरिक ताकत और मेंटल फोकस, दोनों की जरूरत थी। उन्होंने इसे अपने करियर का सबसे मुश्किल शूट बताया।
रानी के लिए नाइट शूट क्यों होता है मुश्किल?
रानी मुखर्जी ने फिल्म के क्लाइमैक्स के लिए नाइट शूट के बारे में बात की। अभिनेत्री ने बॉलीवुड हंगामा से बात करते हुए कहा कि रात भर काम करना उनके लिए हमेशा मुश्किल रहा है, क्योंकि यह उनकी नैचुरल रूटीन के खिलाफ है। उन्होंने आगे कहा कि नाइट शेड्यूल के हिसाब से ढलना आसान नहीं होता, लेकिन उन्होंने यह भी माना कि अंधेरा होने के बाद शूटिंग करने से सेट पर एक अनोखा माहौल भी बनता है।

‘रात में एनर्जी और फोकस सही होता है’
रानी ने कहा, ‘मुझे लगता है कि हर प्रोजेक्ट में अपनी-अपनी चुनौतियां होती हैं, लेकिन मेरे लिए रात की शूटिंग हमेशा सबसे मुश्किल होती है क्योंकि मैं स्वभाव से सुबह जल्दी उठने वाली इंसान हूं। जल्दी उठना और जल्दी सोना पसंद है, इसलिए जब भी रात का शेड्यूल होता है, तो मुझे अपनी बॉडी क्लॉक को पूरी तरह से बदलना पड़ता है। मुझे दिन में सोना भी पसंद नहीं है, इसलिए उस रूटीन के हिसाब से ढलना काफी मुश्किल हो सकता है। फिर भी, रात में शूटिंग करने में कुछ बहुत खास बात है। सेट पर जो एनर्जी होती है, वह अलग होती है। पूरा शहर सो रहा होता है, तब फिल्म क्रू पूरी तरह एक्टिव होता है और काम कर रहा होता है। एक अलग शांति होती है। वह माहौल शूटिंग में अलग ही फोकस और उत्साह लाता है’।
बोलीं- ‘सीन देखा तो लगा सारी मेहनत सफल हुई’
रानी ने आगे बताया कि क्लाइमैक्स की शूटिंग प्रोडक्शन का सबसे थका देने वाला हिस्सा था। इस मुश्किल एक्शन सीन के लिए टीम को बिना किसी बड़े ब्रेक के लगभग पूरे दिन शूटिंग करनी पड़ी। रानी ने कहा, ‘क्लाइमैक्स सीन की शूटिंग सबसे मुश्किल अनुभवों में से एक थी। हमने लगातार 18 घंटे शूटिंग की। दोपहर 3 बजे शुरू करके अगली सुबह 10 बजे तक। यह सिर्फ शेड्यूल की वजह से मुश्किल नहीं था, बल्कि इसलिए भी क्योंकि इस सीन में बहुत शारीरिक मेहनत और ताकत की जरूरत थी। पूरी रात जागकर और शूटिंग करने के बाद इसने सचमुच मेरी सहनशक्ति की परीक्षा ले ली। लेकिन जब देखा कि सीन कैसा बना है, तो सारी मेहनत सफल हो गई।


