फांसी पर झूला युवक, मैके पर मौत

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Sunil Kumar

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कस्बा के एक मुहल्ला में एक युवक ने अज्ञात कारणों के चलते फांसी लगा ली। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। युवक की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम के ही मृतक के शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
रविवार को मिली जानकारी के अनुसार कस्बा के मुहल्ला में एक तीस वर्षीय युवक ने पहले तो होली खेली तभी उसके दिमाग में क्या मामला आया और अपने घर चला गया और घर जाकर कमरे में बंद कर लिया। उधर मृतक की पत्नी भी होली खेलने में व्यस्त होने के कारण किसी को युवक के घर आने का पता नहीं चला। जब पत्नी होली खेलकर घर आई तो कमरे का दरवाजा बंद होने के कारण उसने अंदर झांककर देखा तो युवक फांसी पर लटका था। पति को फांसी पर लटके देखा तो उसकी चीख निकल गई। घर में मची चीख पुकार सुनकर पडौसी एकत्र हो गये। पडौसियों ने दरवाजा खोलकर फांसी पर लटके युवक को नीचे उतारा, और बिना पोस्टमार्टम के ही मृतक के शव का अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस ने भी मामले से अनभिज्ञता जाहिर की है। मृतक के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
दूसरी ओर कस्बा में एक महिला ने विषाक्स सेवन कर लिया। जिससे उसकी हालत बिगडने लगी। इस बात की जानकारी परिजनों को हुई तो परिजन महिला को चिकित्सक के पास ले गये। जहां चिकित्सक ने उसे उपचार के बाद घर भेज दिया। महिला द्वारा विषाक्त सेवन की चर्चा कस्बा में खूब हुई।

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Author: Sunil Kumar

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संजय भाटिया ने लोकसभा चुनाव में रचा था इतिहास संजय भाटिया कुरुक्षेत्र विश्वविद्याल ग्रेजुएट हैं। इनका जन्म हरियाणा के पानीपत जिले में हुआ है। वह भाजपा के महामंत्री भी रह चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी संजय भाटिया ने अपने पहले ही लोकसभा चुनाव में इतिहास रच दिया था। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 6.54 लाख मतों के अंतर से मात दी थी। संजय भाटिया ने प्रदेश के 53 साल के इतिहास में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 909432 वोट मिले थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप शर्मा को 654269 वोटों के अंतर से हराया था। राहुल गांधी ने दिया था कर्मवीर के नाम का सुझाव वहीं कर्मवीर सिंह बौद्ध किसी भी गुट या खेमे से जुड़े हुए नेता नहीं माने जाते। यही कारण है कि उन्हें संगठन के भीतर एक संतुलित और सर्व स्वीकार्य चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। वे ‘संविधान बचाओ अभियान’ में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते रहे हैं। एससी समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध सामाजिक संतुलन के नजरिये से भी एक अहम दावेदार है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वयं उनके नाम का सुझाव दिया है। अंबाला के मुलाना विधानसभा में रहने वाले कर्मवीर सिंह प्रशासकीय अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और लंबे समय से कांग्रेस से जुड़कर कार्य कर रहे थे। कांग्रेस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में एससी सेल का प्रभारी भी बनाया था। राष्ट्रीय स्तर पर वह कन्वीनर भी हैं।