Aligarh Nagar Nigam: 38 मिनट में 1268 करोड़ के बजट को मिली मंजूरी, सदन में हुई धक्का मुक्की

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जमालपुर की पार्षद डॉ. शबाना असलम ने सफाई करने वाली सुकमा कंपनी के 3.57 करोड़ के बिल, कंपनी के द्वारा कितने वाहन लगाए गए, किस पंप से डीजल-सीएनजी की आपूर्ति हो रही और कितने कर्मचारी कंपनी के लगे हैं…सवाल किया। इस सवाल पर नौ मिनट तक सदन में सन्नाटा पसर गया।

budget of Rs 1268 crore was approved in Aligarh Nagar Nigam

जवाहर भवन में 9 मार्च को अलीगढ़ नगर निगम ने सदन की बैठक बुलाई। जिसमें भाजपा पार्षद दल के मुख्य सचेतक के विरोध के बीच 38 मिनट के भीतर सभी पार्षदों ने 1268 करोड़ रुपये के पुनरीक्षित बजट को मंजूरी दे दी। इसमें 1122 करोड़ रुपये से शहर में विकास कार्य कराए जाएंगे। पुनरीक्षित बजट में 251 करोड़ रुपये के आय और 254 करोड़ रुपये के व्यय की वृद्धि की गई है।

पुनरीक्षित बजट का समय 11 बजे रखा गया था। 10.55 बजे नगर आयुक्त विनोद कुमार, अपर नगर आयुक्त राकेश कुमार यादव और सहायक नगर आयुक्त वीर सिंह जवाहर भवन पहुंचे। लगभग सभी पार्षद समय से आ चुके थे। करीब 11.30 बजे महापौर प्रशांत सिंघल पहुंचे। राष्ट्रगीत से सदन की कार्रवाई शुरू हुई। महिला दिवस को ध्यान में रखते हुए सदन ने जमालपुर वार्ड संख्या 59 पार्षद डॉ. शबाना असलम को माइक थमाया। उन्होंने सुकमा कम्पनी की जानकारी मांगी तो महापौर से लेकर अधिकारी एक-दूसरे का मुंह ताकने लगे। अपर नगर आयुक्त ने मामला संभाला कहा कि जांच के बाद भी सुकमा के बिल का भुगतान होगा। इसके बाद वार्ड 61 जाकिरनगर आमना बेगम की पार्षद ने जर्जर सड़क और खराब सफाई व्यवस्था का मुद्दा उठाया। जिसका समाधान करने के लिए महापौर ने निर्देश अफसरों को दिए।

पार्षद इरशाद ने पौने दो साल से लीकेज की समस्या सही न होने का मुद्दा उठाया तो मेयर ने एई पुष्पेंद्र को जवाब देने को कहा। मगर एई अपने सीट से उठे तक नहीं। इसके असलम नूर व मुशर्रफ ने भी अपनी समस्या रखी। इसी बीच पार्षद पुष्पेंद्र जादौन ने नियम-अधिनियम का हवाला देकर रविवार को सदन बुलाने का सवाल किया। जिस पर सचिव ने कहा कि विशेष परिस्थितियों में बुलाया जा सकता है। जबकि पार्षद अनिल सेंगर ने भी एक्ट का हवाला देते हुए कह कि इसमें कहीं नहीं लिखा है कि रविवार को सदन की बैठक नहीं हो सकती है। इस पर पुष्पेंद्र लगातार बोलते रहे, मगर बाकी सभी पार्षदों ने उनकी बातों को दर किनार दिया। 12.22 बजे महापौर ने सदन से बजट पास होने की सहमति पूछी तो सभी ने सहज स्वीकार करते हुए सहमति दे दी। 12.27 पर राष्ट्रगान के बाद सदन समाप्त कर दिया गया।

शहर के विकास को लेकर सभी पार्षदों ने एक जुटता दिखाते हुए पुनरीक्षित बजट को मंजूरी दी है। सभी दल के पार्षद एकजुट होकर कार्य करें। आने वाले सालों को शहर की दिशा व दशा बदलने का कार्य किया जाएगा।-प्रशांत सिंघल, महापौर 

सुकमा कंपनी के बिल पर सदन में नौ मिनट तक छाया रहा सन्नाटा

जमालपुर की पार्षद डॉ. शबाना असलम ने सफाई करने वाली सुकमा कंपनी के 3.57 करोड़ के बिल, कंपनी के द्वारा कितने वाहन लगाए गए, किस पंप से डीजल-सीएनजी की आपूर्ति हो रही और कितने कर्मचारी कंपनी के लगे हैं…सवाल किया। इस सवाल पर नौ मिनट तक सदन में सन्नाटा पसर गया।

11.55 पर सचिवालय सचिव वीर सिंह ने खड़े होकर बताया कि कंपनी का भुगतान नहीं किया गया है। प्रस्तुत बिल की तीन सदस्य कमेटी बनाकर जांच कराई जाएगी। जिसमें अधिकारी व पार्षद से भी सफाई के बारे में पूछा जाएगा। इस पर भी पार्षद संतुष्ट नहीं हुईं तो अपर नगर आयुक्त राकेश कुमार यादव ने मोर्चा संभाला। बताया कि कंपनी को कोई भुगतान नहीं हुआ है। पार्षदों ने कंपनी के बिल को निरस्त करने की मांग की।
नगर निगम के जवाहर भवन में नगर निगम बोर्ड की बैठक में हंगामा करते पार्षदों को रोकते मेयर प्रशांत सिंघल
फायर ब्रांड पार्षद ने साधी चुप्पी तो भाजपा पार्षद ने दिखाए तेवर
पुनरीक्षित बजट की बैठक में पहले से ही हंगामा होने की आशंका जताई जा रही थी। हर बैठक में नगर निगम के क्रियाकलापों व भ्रष्टाचार को बिंदुवार और नियम-अधिनियम के तहत उठाने वाले पार्षद कुलदीप पांडेय चुप्पी साधे बैठे रहे। जबकि एक दिन पहले महापौर आवास पर हुई बैठक में उनका पारा सातवें आसमान पर था। रविवार को पूरे डेढ़ घंटे चले सदन में 12.24 बजे माइक पकड़ा और बोलना चाहा। मेयर ने भी कई बार उन्हें बोलने को कहा मगर पार्षदों के विरोध के आगे वह नहीं बोल सके।

भाजपा पार्षद ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए
सदन में पूरे तेवर में दिखे भाजपा पार्षद पुष्पेंद्र जादौन ने शुरू से अंत तक निगम पर सवालों के बौछार कर दी। सदन की बैठक बुलाने पर सवाल करते हुए नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। कहा कि लोकसभा व विधानसभा का सत्र चल रहा है और सार्वजनिक अवकाश है। यही नहीं भाजपा मंडल अध्यक्ष का चुनाव चल रहा है। फिर बैठक क्यों बुलाई गई? पार्षदों ने उनका विरोध किया और उठ कर उनके सामने आ गए। उप सभापति दिनेश जादौन ने माइक संभाला। पार्षद के सदन के बीच में आने से धक्का-मुक्की भी हो गई। इसके बाद नाराज पुष्पेंद्र जादौन नगर निगम पर भ्रष्टाचार और महापौर पर ठेकेदारी करने का आरोप लगाया।

नगर आयुक्त मास्क लगाकर शामिल हुए बैठक में

अलीगढ़ नगर आयुक्त विनोद कुमार की तबीयत नासाज चल रही है। बताते है कि उन्हें बोलने भी भी परेशानी आ रही है। इस कारण चिकित्सकों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है। हालांकि, पुनरीक्षित बजट के कारण वह डेढ़ से दो घंटे तक जवाहर भवन और नगर निगम कार्यालय में बैठे रहे। इस दौरान वह मुंह पर मास्क लगाए रहे।

यह रहे मौजूद
पार्षद अनिल सेंगर, संजय पंडित, शेर सिंह सैनी, योगेश सिंघल, मो. हफ़िज नूर अब्बासी, मुशरर्फ हुसैन, मो. असलम, अंशु अग्रवाल, सुभाष चंद्र शर्मा, महावीर सिंह, नरेंद्र सैनी, रेनू सैनी, पुष्पा देवी, हरिशंकर, सुरेंद्र प्रताप सिंह, निरंजन सिंह आदि पार्षद और अधिकारी मौजूद रहे।

  • एक अप्रैल 2024 को प्रारंभिक अवशेष बजट-350 करोड़
  • 2024-25 की अनुमानित प्रस्तावित आय-917 करोड़
  • कुल योग- 1268 करोड़
  • 2024-25 का अनुमानित प्रस्तावित व्यय- 1122 करोड़
  • 31 मार्च 2025 को अनुमानित अंतिम अवशेष-1459 करोड़

कुल आय का बजट

  • आय का मूल बजट-666 करोड़
  • आय का पुनरीक्षित बजट-917 करोड़
  • आय में वृद्धि-251 करोड़
  • कुल व्यय का बजट
  • व्यय का मूल बजट-867 करोड़
  • व्यय का पुनरीक्षित बजट-1122 करोड़
  • व्यय में वृद्धि-254 करोड़

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Author: planetnewsindia

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