Bihar News: समस्तीपुर में दो अलग-अलग हादसों में दो लोगों की मौत हो गई। पहला हादसा रेलवे ट्रैक पार करने के दौरान हुआ है। जबकि दूसरे हादसे में अधेड़ की संदिग्ध हालात में मौत हुई है। आइये जानते हैं पूरा मामला।

समस्तीपुर जिले में शनिवार रात दो अलग-अलग घटनाओं में एक मजदूर की ट्रेन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक अधेड़ व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में सनसनी फैल गई। पहली घटना पटोरी थाना क्षेत्र के चंदन चौक रेलवे गुमटी की है, जहां मजदूर रेलवे ट्रैक पार करने के दौरान ट्रेन की चपेट में आ गया। दूसरी घटना विभूतिपुर थाना क्षेत्र के मुस्तफापुर पीएनबी बैंक के पास हुई, जहां अधेड़ व्यक्ति बेहोशी की हालत में मिला और अस्पताल ले जाने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया।
रेलवे ट्रैक पार कर रहा मजदूर ट्रेन की चपेट में आया, मौके पर ही मौत
पटोरी थाना क्षेत्र के चंदन चौक स्थित रेलवे गुमटी पर शनिवार रात एक मजदूर ट्रेन की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान पटोरी के इमली चौक निवासी स्वर्गीय राम विष्णु देव राम के पुत्र अरविंद कुमार (22 वर्ष) के रूप में हुई है
मृतक के मामा गुलाब चंद्र ने बताया कि अरविंद टेंट हाउस में मजदूरी करता था। शनिवार रात करीब 11:00 बजे वह अपने काम से लौट रहा था। साइकिल से घर जाते समय पटोरी के चंदन चौक रेलवे गुमटी के पास उसने रेलवे ट्रैक पार करने की कोशिश की, लेकिन अचानक आती ट्रेन को वह देख नहीं पाया और ट्रेन की चपेट में आ गया। घटना इतनी भयावह थी कि मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पटोरी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।
पुलिस ने क्या कहा?
पटोरी के डीएसपी बीके मेधावी ने बताया कि युवक की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और इस घटना को लेकर एक मामला दर्ज किया जा रहा है।
अधेड़ की संदिग्ध हालात में मौत, परिवार ने लगाया जहर देकर हत्या का आरोप
समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर थाना क्षेत्र के मुस्तफापुर पीएनबी बैंक के पास शनिवार रात एक अधेड़ व्यक्ति की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मृतक की पहचान मोहम्मदपुर सकरा गांव निवासी स्वर्गीय राजेश्वर गिरी के पुत्र अजीत गिरी (50 वर्ष) के रूप में हुई है।
मृतक के पुत्र धीरज कुमार ने बताया कि उनके पिता मजदूरी का काम करते थे। कुछ समय पहले उन्होंने चकदेती गांव में दुकान खोलने के लिए किसी व्यक्ति को 75,000 रुपये एडवांस के तौर पर दिए थे, लेकिन दुकान नहीं चल पाई और बंद हो गई। इसके बाद उनके पिता लगातार मकान मालिक से अपनी रकम वापस मांग रहे थे, लेकिन पैसा लौटाने को लेकर टालमटोल किया जा रहा था। इस मुद्दे को लेकर कई बार विवाद भी हुआ था।
शनिवार रात अजीत गिरी साइकिल से घर लौट रहे थे, लेकिन देर रात तक घर नहीं पहुंचे। परिवार के लोगों ने उनकी खोजबीन शुरू की, तभी कुछ लोगों ने बताया कि वह बैंक के पास चाय दुकान के पास बेहोशी की हालत में पड़े हुए हैं। परिजन मौके पर पहुंचे और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों का आरोप है कि उनके पिता की हत्या साजिश के तहत की गई है। उन्होंने दावा किया कि मृतक के मुंह से झाग और खून निकल रहा था, जिससे आशंका है कि उन्हें जहर देकर मारा गया है।
पुलिस की कार्रवाई
विभूतिपुर थाना अध्यक्ष आनंद कश्यप ने बताया कि परिवार के आरोपों के आधार पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।
इलाके में दहशत, प्रशासन से सुरक्षा की मांग
इन दोनों घटनाओं के बाद समस्तीपुर जिले में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि रेलवे ट्रैक पार करने के लिए उचित उपाय किए जाएं ताकि इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके। वहीं, दूसरी घटना को लेकर मृतक के परिवार ने न्याय की गुहार लगाई है और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
Author: planetnewsindia
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