गृहस्थी के खर्च हाथ बंटाने के लिए मां दीपाली ने खाना बनाने का काम करने लगीं। खिलाड़ी भारत गुड़गांव जूडो अकादमी में कोच महेंदर सिंह के प्रशिक्षु हैं।
गुरुग्राम के 11 वर्षीय भारत बोरो देश के लिए खेलने का सपना संजोए हैं। वे ढाई साल से जूडो की बारीकियां सीखने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। खिलाड़ी भारत आगामी अप्रैल महीने में गुरुग्राम में होने वाली नेशनल जूडो चैंपियनशिप के लिए रोज तीन से चार घंटे अभ्यास करते हैं
खर्चे की परवाह किए बगैर बेटे को भेजा अकादमी
असम के मूलरूप निवासी चंदन बोरो पत्नी दीपाली और इकलौते बेटे भारत के साथ सेक्टर-109 में रहते हैं। वे सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी से परिवार का भरणपोषण करते हैं। उन्होंने बेटे भारत का पढ़ाई के साथ जूडो खेल के प्रति लगाव देखा तो खर्चे की परवाह किए बगैर उसे अभ्यास के लिए अकादमी भेजना शुरू कर दिया।
असम के मूलरूप निवासी चंदन बोरो पत्नी दीपाली और इकलौते बेटे भारत के साथ सेक्टर-109 में रहते हैं। वे सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी से परिवार का भरणपोषण करते हैं। उन्होंने बेटे भारत का पढ़ाई के साथ जूडो खेल के प्रति लगाव देखा तो खर्चे की परवाह किए बगैर उसे अभ्यास के लिए अकादमी भेजना शुरू कर दिया।
घर चलाने के लिए मां बनाने लगी खाना
गृहस्थी के खर्च हाथ बंटाने के लिए मां दीपाली ने खाना बनाने का काम करने लगीं। खिलाड़ी भारत गुड़गांव जूडो अकादमी में कोच महेंदर सिंह के प्रशिक्षु हैं। कोच ने बताया कि परिजनों की उम्मीदों पर खरा उतरने और अपने सपने को पूरा करने के लिए भारत हाड़तोड़ मेहनत करता है। उसने अकादमी और स्कूल स्तर की प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया है।
गृहस्थी के खर्च हाथ बंटाने के लिए मां दीपाली ने खाना बनाने का काम करने लगीं। खिलाड़ी भारत गुड़गांव जूडो अकादमी में कोच महेंदर सिंह के प्रशिक्षु हैं। कोच ने बताया कि परिजनों की उम्मीदों पर खरा उतरने और अपने सपने को पूरा करने के लिए भारत हाड़तोड़ मेहनत करता है। उसने अकादमी और स्कूल स्तर की प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया है।
गोल्ड जीतेगा भारत
कोच का दावा है कि भारत अपनी मेहनत और लगन के बल पर आने वाले साल में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीत सकता है
कोच का दावा है कि भारत अपनी मेहनत और लगन के बल पर आने वाले साल में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीत सकता है
Author: planetnewsindia
8006478914
