रोहित ने ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के अंतिम टेस्ट से खुद को खराब लय के कारण टीम से बाहर कर लिया था। एक महीने बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करते हुए उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ नागपुर वनडे में सिर्फ दो रन बनाए।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह चुके ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि खराब लय में चल रहे रोहित शर्मा के लिए यह मुश्किल समय है और भारतीय कप्तान को आगामी चैंपियंस ट्रॉफी से पहले अपने बल्ले से दमदार प्रदर्शन कर आलोचकों को चुप कराने की कोशिश करनी होगी। भारत के पूर्व दिग्गज स्पिनर का कहना है कि रोहित शर्मा अब फॉर्म को लेकर बचाव की स्थिति में नहीं हैं।
रोहित के नजरिए से निराशाजनक’
रोहित ने ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के अंतिम टेस्ट से खुद को खराब लय के कारण टीम से बाहर कर लिया था। एक महीने बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करते हुए उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ नागपुर वनडे में सिर्फ दो रन बनाए। अश्विन ने अपने यू-ट्यूब चैनल पर कहा, ‘यह आसान नहीं है। अगर आप इसे रोहित के नजरिए से देखें तो जाहिर तौर पर यह उनके लिए निराशाजनक है। वह सीरीज पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं। वह समझते है कि उन्होंने इस प्रारूप में अच्छा किया है और वह इसे अच्छा चाहेंगे।’
रोहित ने ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के अंतिम टेस्ट से खुद को खराब लय के कारण टीम से बाहर कर लिया था। एक महीने बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करते हुए उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ नागपुर वनडे में सिर्फ दो रन बनाए। अश्विन ने अपने यू-ट्यूब चैनल पर कहा, ‘यह आसान नहीं है। अगर आप इसे रोहित के नजरिए से देखें तो जाहिर तौर पर यह उनके लिए निराशाजनक है। वह सीरीज पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं। वह समझते है कि उन्होंने इस प्रारूप में अच्छा किया है और वह इसे अच्छा चाहेंगे।’
‘लोग सवाल तो पूछेंगे ही’
इस पूर्व ऑफ स्पिनर ने कहा, ‘लेकिन लोग सवाल तो पूछेंगे ही। क्रिकेट देखने वाले तो जाहिर तौर पर पूछेंगे ही। यह एक मुश्किल समय है। आप इन सवालों को रोक नहीं सकते। कब तक रुकेंगे? जब तक वह प्रदर्शन नहीं करेंगे यह जारी रहेगा।’ रोहित ने सभी प्रारूपों में अपनी पिछली 16 पारियों में सिर्फ 166 रन बनाए हैं। उन्होंने कहा, ‘एक क्रिकेटर के तौर पर मैं समझता हूं कि रोहित किस दौर से गुजर रहे हैं। यह आसान नहीं है। मैं प्रार्थना करता हूं कि वह अच्छा प्रदर्शन करें और इस सीरीज में शतक बनाएं।’
इस पूर्व ऑफ स्पिनर ने कहा, ‘लेकिन लोग सवाल तो पूछेंगे ही। क्रिकेट देखने वाले तो जाहिर तौर पर पूछेंगे ही। यह एक मुश्किल समय है। आप इन सवालों को रोक नहीं सकते। कब तक रुकेंगे? जब तक वह प्रदर्शन नहीं करेंगे यह जारी रहेगा।’ रोहित ने सभी प्रारूपों में अपनी पिछली 16 पारियों में सिर्फ 166 रन बनाए हैं। उन्होंने कहा, ‘एक क्रिकेटर के तौर पर मैं समझता हूं कि रोहित किस दौर से गुजर रहे हैं। यह आसान नहीं है। मैं प्रार्थना करता हूं कि वह अच्छा प्रदर्शन करें और इस सीरीज में शतक बनाएं।’
अश्विन ने की जडेजा की तारीफ
भारत ने गुरुवार को नागपुर में इंग्लैंड के खिलाफ पहला वनडे मैच चार विकेट से जीत लिया। दूसरा वनडे रविवार को कटक में खेला जाएगा। अश्विन ने इस बीच रवींद्र जडेजा की जमकर तारीफ की और जोर देकर कहा कि यह ऑलराउंडर उनसे ज्यादा प्रतिभाशाली है। जडेजा ने पहले वनडे अपने नौ ओवरों में 26 रन देकर तीन विकेट लेने के बाद लक्ष्य का पीछा करते हुए 10 गेंदों में 12 रन बनाकर नाबाद रहे।
भारत ने गुरुवार को नागपुर में इंग्लैंड के खिलाफ पहला वनडे मैच चार विकेट से जीत लिया। दूसरा वनडे रविवार को कटक में खेला जाएगा। अश्विन ने इस बीच रवींद्र जडेजा की जमकर तारीफ की और जोर देकर कहा कि यह ऑलराउंडर उनसे ज्यादा प्रतिभाशाली है। जडेजा ने पहले वनडे अपने नौ ओवरों में 26 रन देकर तीन विकेट लेने के बाद लक्ष्य का पीछा करते हुए 10 गेंदों में 12 रन बनाकर नाबाद रहे।
‘जडेजा खेल के हर पहलू में प्रासंगिक’
उन्होंने कहा, ‘हमारा मीडिया जब कोई खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करता है तो उसकी सराहना करने में विफल रहता है। जब भी हम हारते हैं तो हर कोई खलनायक बन जाता है। उन्होंने जो रूट को आउट किया। जडेजा खेल के हर पहलू में प्रासंगिक बने रहते हैं। वह अच्छे गेंदबाज हैं और दबाव में बल्लेबाजी करते हैं। साथ ही कमाल के फील्डर भी हैं। जडेजा मुझ से कहीं अधिक प्रभावशाली हैं। फील्डिंग के दौरान वह इस उम्र में भी पूरे मैदान के एक छोर से दूसरे छोर तक दौड़ सकते हैं।’
उन्होंने कहा, ‘हमारा मीडिया जब कोई खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करता है तो उसकी सराहना करने में विफल रहता है। जब भी हम हारते हैं तो हर कोई खलनायक बन जाता है। उन्होंने जो रूट को आउट किया। जडेजा खेल के हर पहलू में प्रासंगिक बने रहते हैं। वह अच्छे गेंदबाज हैं और दबाव में बल्लेबाजी करते हैं। साथ ही कमाल के फील्डर भी हैं। जडेजा मुझ से कहीं अधिक प्रभावशाली हैं। फील्डिंग के दौरान वह इस उम्र में भी पूरे मैदान के एक छोर से दूसरे छोर तक दौड़ सकते हैं।’
Author: planetnewsindia
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