राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित ‘विकसित भारत संकल्प सभा- सेवा ज्योति यात्रा कार्यक्रम’ में बोलते हुए नवीन ने कहा कि आज का दिन हम सभी भारतीयों और सभी भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए अविस्मरणीय है। आज का दिन एक ऐसे व्यक्तित्व के 25 वर्षों के सफर का साक्षी बनने का दिन है, जिनका सफर संघर्षों के बीच शुरू हुआ और जो हर चुनौती का सामना करते हुए आगे बढ़ते रहे। उन्होंने कहा कि एक ऐसा व्यक्ति जिसकी तपस्या, समर्पण और दृढ़ संकल्प ने सार्वजनिक सेवा को अपने जीवन का एकमात्र उद्देश्य बनाने के लिए प्रेरित किया; जिसके लिए जनता की सेवा करना राष्ट्र की सेवा करने का मार्ग बन गया और जिसने अपने पूरे जीवन में इसी संकल्प के साथ राजनीति में प्रवेश किया और राजनीतिक शक्ति का उपयोग केवल सेवा के एक साधन के रूप में किया, राष्ट्र की सेवा के मार्ग पर निरंतर अग्रसर रहा।
‘जनादेश के बल पर पीएम बने मोदी’
सर्वप्रथम, देश के 140 करोड़ नागरिकों और भारतीय जनता पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं की ओर से मैं उन्हें सार्वजनिक जीवन में उनकी 25 वर्षों की निरंतर, अटूट और अथक सेवा यात्रा के लिए हार्दिक बधाई, शुभकामनाएं और बधाई देता हूं। प्रधानमंत्री की राजनीतिक यात्रा पर प्रकाश डालते हुए नवीन ने कहा कि कई पूर्व प्रधानमंत्रियों के विपरीत, जो स्थापित राजनीतिक परिवारों से आए थे या पार्टी नेताओं द्वारा चुने गए थे, पीएम मोदी एक साधारण जीवन, संघर्ष और अनुभव से गुजरे और जनता के जनादेश के बल पर प्रधानमंत्री बने।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में न केवल विकास हुआ है, बल्कि भारत की विरासत पर भी नए सिरे से ध्यान केंद्रित किया गया है। उन्होंने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, महाकाल कॉरिडोर और अयोध्या में श्रीराम मंदिर जैसी परियोजनाओं का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि अगर हम जवाहरलाल नेहरू को देखें तो आजादी के बाद प्रधानमंत्री बनने से पहले ही उन्हें कांग्रेस नेताओं ने चुना था। इसी तरह, इंदिरा गांधी को भी प्रधानमंत्री बनने पर कांग्रेस नेताओं ने चुना था। राजीव गांधी के मामले में, वे अपनी माता के निधन के बाद प्रधानमंत्री बने और चुनाव बाद में हुए। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी किसी राजनीतिक परिवार से नहीं आते और न ही उन्हें कोई राजनीतिक विरासत मिली है। वे एक साधारण जीवन, संघर्ष और अनुभव से ऊपर उठे और जनता के जनादेश के बल पर प्रधानमंत्री बने। आपने न केवल हमें विकास दिया है, बल्कि हमें अपनी विरासत पर गर्व करने का अवसर भी दिया है। चाहे वह काशी विश्वनाथ कॉरिडोर हो, महाकाल कॉरिडोर हो या अयोध्या का भव्य श्रीराम मंदिर, हम पवित्र सोमनाथ मंदिर को भी याद करते हैं।
आज मैं कह सकता हूं कि आपने केवल इमारतें और बुनियादी ढांचा ही नहीं बनाया है, बल्कि हमारी आस्था और भक्ति के केंद्रों को पुनर्जीवित और पुनर्निर्मित किया है। नबीन ने आगे कहा- प्रधानमंत्री ने बुधवार को सरकार के मुखिया के रूप में 25 वर्ष पूरे कर लिए। उन्होंने 7 अक्टूबर, 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपना कार्यकाल शुरू किया था और 2014 से लगातार तीन कार्यकाल प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया है।


